CG CM Surya Rath: छत्तीसगढ़ में स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 8 सितंबर 2025 को राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में एक विशेष सौर ऊर्जा जागरूकता और प्रोत्साहन अभियान आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सौर ऊर्जा के महत्व और इसके लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा के उपभोक्ता अब न केवल ऊर्जा उत्पादक हैं, बल्कि ऊर्जा दाता भी बन रहे हैं। इस पहल के माध्यम से छत्तीसगढ़ स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य को तेजी से प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है।
सूर्य रथ और सब्सिडी वितरण
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सूर्य रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसका उद्देश्य लोगों को सौर ऊर्जा के फायदों, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, और इसके तहत मिलने वाली सब्सिडी के बारे में जागरूक करना है। सूर्य रथ पूरे प्रदेश में भ्रमण कर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को इस योजना से जोड़ने का कार्य करेगा। साथ ही, मुख्यमंत्री ने 618 उपभोक्ताओं के खातों में प्रत्येक को 30,000 रुपये की दर से कुल 1.85 करोड़ रुपये की राज्यांश सब्सिडी का ऑनलाइन अंतरण किया। यह सब्सिडी सौर पैनल स्थापना को प्रोत्साहित करने और बिजली बिल में कमी लाने के लिए दी जा रही है।

‘इम्पैक्ट ऑफ डिस्ट्रीब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी ऑन ग्रिड स्टेबिलिटी’
कार्यक्रम में राजनांदगांव से आए कक्षा 12वीं के छात्र प्रथम सोनी ने सौर ऊर्जा की विशेषताओं और सरकार द्वारा इसे बढ़ावा देने के प्रयासों पर अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दो महत्वपूर्ण प्रकाशनों—‘इम्पैक्ट ऑफ डिस्ट्रीब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी ऑन ग्रिड स्टेबिलिटी’ और ‘एग्रीवोल्टाइक्स परफॉर्मर हैंडबुक’—का विमोचन किया। ये प्रकाशन सौर ऊर्जा के तकनीकी और कृषि-आधारित अनुप्रयोगों को समझने में मदद करेंगे। इसके अतिरिक्त, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के कार्यान्वयन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वेंडरों को भी सम्मानित किया गया।

पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लाभ
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, जिसे जनवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू किया था, का लक्ष्य 1 करोड़ घरों में सौर पैनल स्थापित कर हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करना है। इस योजना के तहत निम्नलिखित लाभ हैं:
- आर्थिक बचत: सौर पैनल लगाने से उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कमी आएगी। सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी (30,000 से 78,000 रुपये तक) और सस्ते बैंक ऋण सौर प्रणाली की स्थापना को किफायती बनाते हैं।
- पर्यावरण संरक्षण: सौर ऊर्जा स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा का स्रोत है, जो कार्बन उत्सर्जन को कम करता है। यह योजना 2070 तक भारत के नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य को प्राप्त करने में योगदान देगी।
- ऊर्जा स्वतंत्रता: उपभोक्ता न केवल बिजली का उत्पादन करेंगे, बल्कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर आय भी अर्जित कर सकते हैं। इससे वे ऊर्जा दाता बन रहे हैं।
- रोजगार सृजन: सौर पैनल की स्थापना, रखरखाव, और वितरण से संबंधित कार्य नए रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं।
- ग्रामीण विकास: यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में बिजली की उपलब्धता बढ़ाएगी, जहां बिजली महंगी या अपर्याप्त है।
CG CM Surya Rath: सौर ऊर्जा को बढ़ावा
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार हाफ बिजली बिल से आगे बढ़कर मुफ्त बिजली की दिशा में कार्य कर रही है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उपभोक्ताओं को सब्सिडी और आसान वित्तीय सुविधाएं प्रदान कर रही हैं। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत भी लाभार्थियों को सौर पंप और अन्य सुविधाओं के लिए लेटर ऑफ अवार्ड प्रदान किए गए। यह योजना किसानों को सौर ऊर्जा के माध्यम से सिंचाई के लिए सस्ती बिजली उपलब्ध कराती है।

सौभाग्य योजना का योगदान
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सौभाग्य योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि 2014 में शुरू हुई इस योजना ने देश के 18,000 गांवों तक बिजली पहुंचाई, जो पहले अंधेरे में थे। आज छत्तीसगढ़ की बिजली उत्पादन क्षमता 1,400 मेगावाट से बढ़कर 30,000 मेगावाट हो गई है, और यह पड़ोसी राज्यों को भी बिजली आपूर्ति कर रहा है। यह उपलब्धि स्वच्छ और हरित ऊर्जा की दिशा में भारत की प्रगति को दर्शाती है।
पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन पर प्रभाव
CG CM Surya Rath: मुख्यमंत्री साय ने जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा को अपनाकर छत्तीसगढ़ नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सौर ऊर्जा न केवल पर्यावरण को स्वच्छ रखती है, बल्कि जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को भी कम करती है। यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दे रही है।
ग्रिड स्थिरता पर प्रभाव
‘इम्पैक्ट ऑफ डिस्ट्रीब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी ऑन ग्रिड स्टेबिलिटी’ प्रकाशन का विमोचन इस बात का संकेत है कि सरकार सौर ऊर्जा के बड़े पैमाने पर उपयोग के तकनीकी पहलुओं पर भी ध्यान दे रही है। वितरित नवीकरणीय ऊर्जा (जैसे रूफटॉप सौर पैनल) ग्रिड की स्थिरता को प्रभावित कर सकती है, लेकिन उचित प्रबंधन और तकनीकी नवाचारों के साथ यह ऊर्जा आपूर्ति को और विश्वसनीय बना सकता है।

