राष्ट्रीय संगोष्ठी कार्यक्रम:आदिकाल से वसुधैव कुटुम्बकम है भारतीय संस्कृति-CM डॉ. यादव
National Seminar: भोपाल। मानव जीवन में आनंद के आयाम, हमारे सुख और दु:ख के बीच के अंतर को समझने से पता चलते हैं। आदिकाल से ही भारतीय संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम की रही है, जिसमें परिवार की धारणा को विशेष महत्व दिया गया है। वर्ष 1956 के विश्व हिंदू सम्मेलन में मार्गेट थेचर ने भारत और…
Read More “राष्ट्रीय संगोष्ठी कार्यक्रम:आदिकाल से वसुधैव कुटुम्बकम है भारतीय संस्कृति-CM डॉ. यादव” »

