Ratanpur Talabs: छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक नगर रतनपुर बिलासपुर जिले में स्थित है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। इसे “तालाबों की नगरी” कहा जाता है, क्योंकि यहां कभी लगभग 1,400 तालाब थे, जो आज भी जल संरक्षण और जीवनयापन का आधार बने हुए हैं। यह शहर प्राचीन काल से ही राजवंशों का केंद्र रहा है और धार्मिक पर्यटन का प्रमुख स्थल है। रतनपुर की पहचान तालाबों, मंदिरों, किलों और पौराणिक कथाओं से जुड़ी हुई है। यहां का जल, संस्कृति और इतिहास का अद्भुत संगम पर्यटकों को आकर्षित करता है। कभी कलचुरि राजवंश की राजधानी रहे इस शहर में आज भी प्राचीनता की झलक मिलती है। तालाब न केवल सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि स्थानीय कृषि और धार्मिक अनुष्ठानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रतनपुर का इतिहास
रतनपुर का इतिहास 11वीं शताब्दी से जुड़ा है, जब कलचुरि वंश ने इसे अपनी राजधानी बनाया। यह शहर मध्यकालीन भारत का महत्वपूर्ण राजनीतिक केंद्र था। 14वीं शताब्दी तक यह समृद्ध रहा, लेकिन बाद में रतनपुर के राजा ने बिलासपुर को नई राजधानी बनाई। प्राचीन किले जैसे रतनपुर किला और महामाया मंदिर के अवशेष यहां की गौरवशाली विरासत की गवाही देते हैं। कलचुरि शासकों ने तालाबों का निर्माण करवाया, जो जल प्रबंधन की उन्नत प्रणाली दर्शाते हैं। रतनपुर को “रत्ननगर” भी कहा जाता था, जो इसके रत्नों जैसे महत्व को इंगित करता है। आज यह छत्तीसगढ़ के धार्मिक पर्यटन का केंद्र है, जहां वार्षिक मेलों और उत्सवों का आयोजन होता है।
Ratanpur Talabs: महामाया देवी मंदिर
धार्मिक दृष्टि से रतनपुर देवी महामाया का प्रमुख केंद्र है। महामाया देवी मंदिर यहां का सबसे प्रसिद्ध तीर्थस्थल है, जहां लाखों भक्त नवरात्रि के दौरान आते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह स्थान देवी दुर्गा से जुड़ा है। मंदिर का निर्माण कलचुरि काल में हुआ था और यह शक्तिपीठ के रूप में पूजा जाता है। इसके अलावा, लक्ष्मी नारायण मंदिर और अन्य छोटे मंदिर धार्मिक महत्व रखते हैं। रतनपुर को “छत्तीसगढ़ का काशी” भी कहा जाता है, क्योंकि यहां कई तीर्थ स्थल हैं। तालाबों का धार्मिक महत्व भी असीम है, जहां स्नान और पूजा-अर्चना की परंपरा है। यह स्थान हिंदू संस्कृति का जीवंत प्रतीक है।

रतनपुर के प्रमुख तालाब
रतनपुर में कभी 1,400 तालाब बताए जाते थे, जो प्राचीन जल संरक्षण प्रणाली का उदाहरण हैं। ये तालाब वर्षा जल संग्रहण के लिए बनाए गए थे और आज भी कई जीवंत हैं। हालांकि, शहरीकरण और रखरखाव की कमी से कुछ सूख चुके हैं। वर्तमान में लगभग 100 से अधिक प्रमुख तालाब मौजूद हैं, जो शहर की सुंदरता बढ़ाते हैं। ये तालाब न केवल जल स्रोत हैं, बल्कि पक्षी अभयारण्य और पार्क के रूप में भी कार्य करते हैं। तालाबों के चारों ओर घने वन और मंदिर स्थित हैं, जो प्राकृतिक और सांस्कृतिक संतुलन बनाते हैं।
चंद्रहास तालाब
रतनपुर के प्रमुख तालाबों में चंद्रहास तालाब सबसे प्रसिद्ध है। यह प्राचीन तालाब कलचुरि काल का है और इसका क्षेत्रफल लगभग 50 एकड़ है। चारों ओर सीढ़ियां बनी हैं, जहां लोग स्नान करते हैं। यह तालाब मछली पालन और सिंचाई के लिए उपयोगी है।

देवी सागर
दूसरा महत्वपूर्ण तालाब है देवी सागर, जो महामाया मंदिर के निकट स्थित है। इसका जल हमेशा स्वच्छ रहता है और धार्मिक स्नान के लिए जाना जाता है।
लक्ष्मण तालाब
Ratanpur Talabs: लक्ष्मण तालाब, जो शहर के केंद्र में है, पक्षियों का घर है और सूर्योदय-सूर्यास्त के समय मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करता है।
राजकुमार तालाब
राजकुमार तालाब, राजसी वास्तुकला से युक्त है और आसपास पार्क है।
गणेश तालाब
गणेश तालाब, गणेश मंदिर से जुड़ा है और वार्षिक मेले का केंद्र है।
शिव सागर तालाब
शिव सागर तालाब, शिव मंदिर के पास है और मानसून में उफान पर होता है। इन तालाबों की गहराई औसतन 10-20 फीट है और वे वर्षा जल पर निर्भर हैं। रखरखाव के लिए स्थानीय प्रशासन प्रयासरत है।
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Ratanpur Talabs: धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
तालाबों का धार्मिक महत्व रतनपुर की पहचान है। देवी सागर में स्नान से पापों का नाश होता है, ऐसा विश्वास है। महामाया मंदिर के पास स्थित तालाब पूजा के लिए पवित्र हैं। नवरात्रि में तालाबों पर विशेष अनुष्ठान होते हैं। चंद्रहास तालाब पर कथा वाचन और भजन की परंपरा है। ये तालाब हिंदू ग्रंथों से जुड़े हैं, जैसे कि पुराणों में वर्णित सरोवर। धार्मिक पर्यटन से अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।
सांस्कृतिक रूप से, तालाब रतनपुर की लोककथाओं और त्योहारों का केंद्र हैं। यहां पंचमी अमावस्या पर मेला लगता है, जहां लोक नृत्य और संगीत होता है। तालाबों के किनारे सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। ये जल स्रोत स्थानीय कला और शिल्प को प्रेरित करते हैं। रतनपुर की संस्कृति तालाबों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो सामुदायिक एकता का प्रतीक हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए तालाबों का महत्व बढ़ रहा है।

