CM Sai Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में महानदी भवन में हाल ही में कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में राज्य के किसानों और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक का मुख्य फोकस इस बार धान खरीदी पर रहा।
कैबिनेट ने निर्णय लिया कि 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक धान खरीदी अभियान चलाया जाएगा। इस बार राज्य के लगभग 25 लाख से अधिक किसानों से धान खरीदी की जाएगी। किसानों को धान की खरीदी के लिए 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय की गई है।

प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी
बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की जाएगी।
इस निर्णय का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज के अनुसार उचित मूल्य सुनिश्चित करना है।
कैबिनेट ने यह भी कहा कि धान खरीदी में पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। किसानों को उनकी राशि 6 से 7 दिनों के अंदर दे दी जाएगी। इससे किसानों को नकदी प्रवाह में मदद मिलेगी और वे अपने परिवार और खेती के अन्य खर्चों को समय पर पूरा कर सकेंगे।

CM Sai Cabinet Meeting: कैबिनट में लिए गए फैसले
CM Sai Cabinet Meeting: बैठक में केवल धान खरीदी ही नहीं बल्कि अन्य कृषि और राज्य हित के मुद्दों पर भी विचार किया गया। कैबिनेट ने यह सुनिश्चित करने के लिए कई फैसले लिए कि किसानों और कृषि क्षेत्र को लंबी अवधि में लाभ हो।
1. कृषि समर्थन योजनाओं में सुधार
कैबिनेट ने कृषि समर्थन योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया। इसमें सिंचाई, बीज आपूर्ति और उन्नत खेती तकनीकों के लिए बजट बढ़ाने का फैसला शामिल है।
2. बाजार मूल्य सुनिश्चित करना
किसानों की उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए राज्य में मंडियों में मूल्य नियंत्रण के उपाय किए जाएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि किसान अपने उत्पाद को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचे और उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक हानि न हो।
3. समयबद्ध भुगतान नीति
किसानों को उनके उत्पाद के मूल्य का भुगतान 6 से 7 दिनों के भीतर करने के लिए एक विशेष निगरानी तंत्र बनाए जाने का निर्णय लिया गया। इससे किसानों की आय में स्थिरता आएगी और खरीदी प्रक्रिया में विश्वास बढ़ेगा।
4. तकनीकी और डिजिटल हस्तक्षेप
कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि धान खरीदी में डिजिटल प्रणाली और तकनीकी हस्तक्षेप को बढ़ाया जाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े की संभावना कम होगी। किसानों को खरीदी और भुगतान की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ट्रैक करने की सुविधा दी जाएगी।
5. किसानों की सुरक्षा और सुविधा
बैठक में किसानों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और सुविधाएं देने का निर्णय लिया गया। इसमें ट्रांसपोर्ट, भंडारण और लंबी कतारों से बचाव के उपाय शामिल हैं।
6. धान खरीदी अवधि: खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 15/11/2025 से 31 जनवरी 2026 तक धान खरीदी होगी।
7. खरीदी दर और सीमा: 25 लाख से अधिक किसानों से ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी। 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा तक खरीदी की जाएगी।
8. पंजीयन और पारदर्शिता: इस साल E-KYC आधारित पंजीयन अनिवार्य। किसानों का पंजीयन भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के एग्रीस्टेक पोर्टल में किया जाएगा। पंजीयन की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2025 निर्धारित की गई है।
10. डिजिटल क्रॉप सर्वे: 23 लाख हेक्टेयर एरिया का डिजिटल क्रॉप सर्वे पूरा। 20,000 ग्रामों में 2 अक्टूबर से डिजिटल सर्वे और मैनुअल गिरदावरी के डेटा का ग्रामसभा में पठन-पाठन जारी।
11. खरीदी केंद्र व्यवस्था: 2739 खरीदी केंद्रों के माध्यम से धान खरीदी की जाएगी। हर केंद्र पर समुचित प्रशासनिक व्यवस्था के निर्देश।
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CM Sai Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक के बाद कहा कि किसानों की खुशहाली राज्य की प्राथमिकता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे सरकारी निर्देशों का पालन करते हुए धान खरीदी में भाग लें और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।
साय ने कहा कि इस बार धान खरीदी की प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्ध भुगतान और डिजिटल निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। इसका उद्देश्य किसानों को भरोसा देना और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

