मध्यप्रदेश में कई प्रसिद्ध मंदिर है, उनमें से एक बेहद प्रचीन मंदिर नरसिंहपुर जिले स्थित है, जो कि श्री दूल्हादेव महाराज के नाम से प्रसिद्ध है। यह मंदिर नरसिंहपुर के कंदेली में स्थित है, यह अपने चमत्कारिक प्रभाव और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
यह वह मंदिर है, जिसे दादा का दरबार भी कहते हैं, यहां रास्ते को भी रास्ता बदलना पड़ता है। बताया जाता है कि यहां बहुत सी चमत्कारिक घटनाएं हैं, जो भी यहां से गुजरता है, वो बिना दुल्हे महारज का आशीर्वाद लिए बिना नहीं जाता। यह मंदिर राष्ट्रीय राजमार्ग के बीचो – बीच है।
कोई नहीं हटा पाया यह मंदिर
जिस स्थान पर मंदिर है वहां पहले नेशनल हाईवे 44 स्टेट हाईवे 22 हुआ करता था, लेकिन जब 4 लाइन प्रोजेक्ट शुरु हुआ तब, इस जगह से मंदिर को हटाने की कोशिश की गई, लेकिन कोई नहीं हटा पाया।

स्थानीय निवासी बताते हैं कि, इस मंदिर को हटाने के लिए एक बार एक इंजिनियर आया जिसका वहां से लौटते समय एक्सीडेंट हो गया था। यहीं नही मंदिर को हटाने के लिए जितनी भी मशीने बुलाई जाती थी। वो सब मंदिर के पास आते ही बंद हो जाती थी। मंदिर को हटाने के कई प्रयास किए गए लेकिन कोई एक ईंट तक नहीं हिला पाया।
ऐसे हुआ फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण
जब कई प्रयासो के बाद मंदिर को नहीं हटा पाएं तब सभी आधिकारियों ने मिलकर श्री दूल्हे महाराज से प्रार्थना की। फिर वहां मंदिर को हटाए बिना फ्लाईओवर ब्रिज का बनवाया गया।
मंदिर होने की वजह से हाईवे को मोड़ा गया, लोग बताते है, यहां कई चमत्कार देखने को मिलते हैं, और यहां कोई एक्सीडेंट नहीं होता स्वंय श्री दूल्हे महाराज यहां निकलने वाले यात्रियों की रक्षा करते है। यहां निकलने वाला हर यात्री दर्शन करने जरुर आते है।
श्री दूल्हे महाराज को क्या है प्रिय?
दादा महाराज को कुछ चीजे बेहद प्रिय है, जैसे – पगड़ी, नारियल, फूल और पंचमेवा। भक्त बताते है, शानिवार के दिन ये सब चढ़ाने से श्री दूल्हे महाराज बेहद प्रसन्न होते हैं।

हर मनोकामना होती है पूरी
भक्त बताते है कि, यहां सच्चे दिल से जो मांगो हर मनोकमानाएं पूरी होती है। किसी को सुख- समृद्धि का आशीर्वाद मिला तो कुछ लोगों को संतान सुख की प्राप्ति हुई। यहां भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने के उम्मीद से आते है।
यहां हर शनिवार भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है।

