Santoshi Mata Temple: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में माता का चमत्कारी मंदिर हैं, जहां माता संतोषी विराजमान हैं। यह मंदिर भक्तों की आस्था और श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है। इस मंदिर का निर्माण एक स्थानीय सेठ ने साल 1969 में करवाया था।
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मान्यता है कि – संतान प्राप्ति की मन्नत पूरी होने के बाद उन्होंने देवी संतोषी की प्रतिज्ञा पूरी करने के लिए इस मंदिर का निर्माण करवाया। मंदिर की खूबसूरत कारीगरी कानपुर के कारीगरों ने की थी।
3 रुपों में प्रकट होती हैं माता..
इस मंदिर की सबसे खास मान्यता यह है कि मां संतोषी दिन में 3 बार अपना स्वरुप बदलती है। सुबह मातारानी बाल्यावस्था में दर्शन देती हैं, वहीं दोपहर में प्रौढ़ावस्था के रुप में दिखाई देती हैं। तो वहीं युवावस्था के रुप में दर्शन देती हैं।

अद्भुत चमत्कार से परिपूर्ण मंदिर…
यह मंदिर केवल पूजा स्थल नहीं, बल्कि आस्था का चमत्कारी केंद्र भी माना जाता है। भक्तों का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से की गई मन्नत अवश्य पूरी होती है। प्रारंभ में यह मंदिर विशेष रुप से संतान प्राप्ति के लिए प्रसिद्ध था, लेकिन धीरे-धीरे विवाह, नौकरी और मानसिक शांति की कामना लेकर भी भक्त माता के पास पहुंचने लगे।
रहस्यमयी दीवारें और प्राकृतिक वातावरण…
मंदिर के द्वार पर बने रहस्यमयी चित्र भक्तों को गहराई से जोड़ते हैं। इन चित्रों में अधर्म के विनाश और धर्म की विजय की झलकियां साफ तौर पर दिखाई देती हैं। साथ ही, जंगलों के बीच स्थित यह मंदिर प्राकृतिक सुंदरता और शांति से भरपूर है। यहां की ठडी हवा और हरियाली भक्तों को मानसिक सुकून देती है।

बता दें कि, यह मंदिर लगभग 50 वर्ष पुराना है।
शुक्रवार का विशेष महत्व…
मां सतोषी की विशेष रुप से शुक्रवार के दिन पूजा की जाती हैं। इस दिन कई भक्त व्रत रहते है, और माता संतोषी के व्रत में घर में भी खटाई खाना मना होता है। भक्त गुड़-चने का प्रसाद ग्रहण करते हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि शुक्रवार को सच्चे दिल से पूरी विधि- विधान से पूजा करने पर सारी मनोकामनाएं पूरी होती है।

पंचमुखी हनुमान मंदिर…
मंदिर परिसर में पंचमुखी हनुमान जी का मंदिर भी है। इस प्रतिमा की स्थापना एक स्थानीय सेठ ने उनकी पुत्र प्राप्ति की मनोकामना पूर्ण होने पर की थी। भक्तों का विश्वास है कि यहां हनुमान जी की कृपा से भी मन्नतें पूरी होती हैं।
कई भक्तों का दावा है कि यहां दर्शन करने के बाद उनकी संतान और विवाह संबंधी इच्छाएं पूरी हुईं।
नवरात्रि का भव्य मेला…
हर साल नवरात्रि में इस मंदिर में भव्य मेले का आयोजन होता है। लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचकर माता का आशीर्वाद लेते हैं। खासतौर पर दुर्गा नवमी और शुक्रवार को मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।

