Chandra Grahan 2025: चंद्रग्रहण धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से विशेष महत्व रखता है। 7 सितंबर यानि की आज चंद्रग्रहण रात को 9 बजकर 58 मिनट से लेकर रात के 1 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। यह चंद्रग्रहण भारत में ही नही बल्कि कई देशो में देखा जाएगा।
Read More: Ganesh Visarjan 2025: गणपति बप्पा के विसर्जन के दौरान भूलकर भी न करें ये गलतियां…
मान्यताओं के अनुसार, इस समय वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है, इस समय को सूतक काल माना जाता है जो की अशुभ समय माना जाता है, जिसमें पूजा – पाठ, भोजन बनाना -खाना और कोई भी शुभ काम करना अशुभ माना जाता है। चंद्रग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेषरुप से ध्यान रखना चाहिए। इस आर्टिकल में जानते हैं कि चंद्रग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं।

चंद्रग्रहण के दौरान क्या करें…
दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें…
ग्रहण शुरू होने से पहले घर के दरवाजे और खिड़कियों को बंद कर देना चाहिए। ग्रहण के समय घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।
मंत्रजाप और ध्यान करें…
इस समय चारों तरफ नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है, जिसकी वजह से हमें उस समय गीता, रामायण या सुंदरकांड, जैसे धार्मिक ग्रंथो का पाठ करना चाहिए। और गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए, इससे मन और घर में सकारात्मकता आती है।
स्नान का विशेष महत्व…
ग्रहण शुरु होने से पहले और जब ग्रहण समाप्त हो जाए तो स्नान आवश्य करना चाहिए। इससे शरीर और मन की शुद्धि हो जाती है।

तुलसी के पत्ते को भोजन में रखें…
ग्रहण पड़ने के पहले खाने और पानी में तुलसी के पत्ते को डालकर रखना चाहिए, यह शुद्धि के लिए आवश्यक माना जाता है।
चंद्रग्रहण के दौरान क्या न करें?
- ग्रहण के दौरान खाना – पीना नहीं खाना चाहिए।
- इस समय सोने से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
- धारदार वस्तुएं जैसे- कैंची, सुई, चाकू, ब्लेड जैसी वस्तुओं का इस्तेमाल अशुभ माना जाता है।
- वैज्ञानिक रुप से भी ग्रहण को सीधे देखने से आंखों को नुकसान हो सकता है।
- ग्रहण के समय कोई भी शुभ काम, पूजा – पाठ नहीं करना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं के लिए खास सावधानियां…
गर्भवती महिलाओं के लिए ग्रहण का समय विशेष संवेदनशील माना गया है। मान्यताओं के अनुसार ग्रहण की नकारात्मक ऊर्जा भ्रूण पर असर डाल सकती है..
क्या करें?
- घर के अंदर रहें और बाहर तो भूलकर भी न निकलें।
- सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए मंत्रजाप करें और धार्मिक ग्रंथो का पाठ करें।
- ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना न भूले और ताजा भोजन ही करें।

क्या न करें?
गर्भवती महिलाओं को कैंची, सुई, ब्लेड , चाकू जैसी धारदार चीजों का इस्तेमाल न करें। न ही किसी धातु की वस्तुएं जैसे पिन, सेफ्टी पिन या चूड़ी न पहनें। ग्रहण के समय सोना नहीं चाहिए, और उन पर बाहर की रोशनी भी न पड़े इस बात का ध्यान रखना चाहिए।

