Mahasamund Chandi Mata Temple: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड में स्थित घुंचापाली का चंडी माता मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। राजधानी रायपुर से मात्र 95 KM दूर स्थित यह मंदिर भक्ति, आस्था और चमत्कारों का अद्भुत संगम है।
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प्राकृतिक रुप से बढ़ती है मां की प्रतिमा…
मंदिर की सबसे अनोखी बात है कि यहां विराजमान चंडी माता की प्रतिमा प्राकृतिक रुप से बढ़ रही है। यहां के पुजारी बताते हैं कि, पहले यह प्रतिमा छोटी थी, लेकिन अब इसकी ऊंचाई 23 फीट से अधिक हो चुकी है।

पहाड़ियों के बीच बसा मंदिर…
चंडी माता मंदिर कई पहाड़ियों के बीच स्थित है। श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने के लिए 2 पहाड़ियों के बीच से गुजरना पड़ता है, जिससे यहां का दृश्य देखने लायक होता है। पेड़ – पौधे से घिरी यह जगह प्राकृतिक रुप से भी बेहद खूबसूरत और मनमोहक लगती है।
नवरात्रि में उमड़ती है भीड़…
हर साल चैत्र नवरात्रि में यहां भव्य मेला लगता है। देश ही नहीं बल्कि वदेश से भी श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं। यहां नवरात्रि के दौरान भक्तो की भारी भीड़ देखने को मिलती है। और विशेष आयोजन भी किए जाते हैं।

तंत्र साधना और साधकों से जुड़े किस्से…
स्थानीय निवासी बताते है कि पुराने समय में यह मंदिर तंत्र साधना के लिए प्रसिद्ध था। यहां केवल तांत्रिक और अघोरी साधु साधना करने आते थे। आज भी कुछ साधक ध्यान और साधना के लिए यहां आते हैं।
शाम के समय आते हैं भालू…
मंदिर की एक विशेष बात यहां शाम ढलते ही भालू का पूरा परिवार माता के दर्शन करने और प्रसाद ग्रहण करने मंदिर आते हैं। और इसके बाद जंगल की ओर वापस लौट जाता है। यह दृश्य श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए बेहद आकर्षक और अनोखा है।

150 साल पुराना है ये मंदिर…
150 साल पुराना यह मंदिर आज न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह प्राकृतिक चमत्कार और आध्यात्मिक शांति का प्रतीक भी बन चुका है। महासमुंद का चंडी माता मंदिर सच में श्रद्धा, इतिहास और प्रकृति का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है।


