Vastu Dosh Remedies: घर में कई बार कई वस्तुएं अचानक टूट जाती है और हमे पता भी नहीं चलता क्या हुआ और अचानक हमारे जीवन में संकट आने शुरु हो जाते हैं। ऐसे में घर में सही वस्तुएं होनी बहुत जरुरी है। ऐसी कुछ चीजे है अगर वो टूट जाएं तो उन्हें घर से बाहर कर देना चाहिए वास्तुशास्त्र के हिसाब से कई बार घर में रखी कुछ टूटी वस्तुएं हमारे दुर्भाग्य का कारण बन जाती है। इससे परिवार , सेहत अस्वस्थ, धन, सुख, शांति पर नाकारात्मक असर पड़ता है।
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जानिए कौन सी टूटी वस्तुएं घर में न रखें?
टूटा हुआ शीशा होता है अशुभ
वास्तुशास्त्र के अनुसार , घर में रखा शीशा, दरवाजे या खिड़की में लगा शीशा यदि टूट जाए तो उन्हें घर में ज्यादा देर तक नहीं रखना चाहिए। शीशे का संबंध शुक्र गृह से होता है, ऐसे में घर में टूटा हुआ शीशा आपके जीवन में नकारात्मकता भर देता है, इससे शुक्र प्रभावित हो जाता है। आपके जीवन में नकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश करने की संभावना बढ़ जाती है।
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टूटी घड़ी रखना दोष
घड़ी जो हमे हमेशा सही समय बताती है, लेकिन अगर घड़ी खराब हो जाए या टूट जाए। वो चलना रुक जाए तो फिर उसे घर में नहीं रखना चाहिए क्योकि वास्तुशास्त्र के अनुसार यह घड़ी दुर्भाग्य का सूचक माना जाता है। बुजुर्ग बताते है कि रुकी हुई घड़ी पास रखने से आपके जीवन के बनते काम रुक जाते हैं।

Vastu Dosh Remedies: भगवान की मूर्तियां
घर में रखी किसी भी देवी- देवताओं की प्रतिमा खंडित हो जाए या यूं कहे टूट जाए तो उस प्रतिमा को नदी में प्रवाहित कर दें या फिर पीपल या वट के पेड़ के नीचे रख दें। अगर घर में खंडित प्रतिमा रखते है तो वास्तु दोष उत्पन्न हो जाता है।
टूटे बर्तन को न रखें
अगर आपके घर के किचन में कोई बर्तन टूट गया है तो उसे घर के बाहर कर देना चाहिए। टूटे बर्तन में खाना बनाना और खाना दोनों ही अशुभ होता है। अगर कोई टूटे बर्तन में खाना खाता है तो इससे मां अन्नपूर्णा रुठ जाती हैं, जिसकी वजह से घर में दरिद्रता आती है।

टूटे पलंग- फर्नीचर अशुभ
आपके घर में अगर पलंग टूट गया है, उसके बाद भी अगर कोई दंपत्ति उस पलंग का स्तेमाल करते हैं, तो उनके रिश्ते में दरार आती है। पति और पत्नी के बीच कलेश होने लगते हैं।
Note –
The information in this article is based on traditional beliefs and scriptures. It is meant only for general awareness. We do not claim authenticity of any personal faith or ritual. Readers are advised to consult their family traditions or spiritual guide before following any religious practice.

