Clock Temple Ujjain: उज्जैन का नाम सुनते ही हम सब के मन में महाकाल बाबा की छवि बन जाती है। लेकिन मध्यप्रदेश के इस जिले में कई अन्य मंदिर भी हैं, जो अपनी आस्था और अनोखी परंपराओं की वजह से प्रसिद्ध हैं। उसमें से एक है घड़ी वाले बाबा सगस महराज का मंदिर, जहां लोग भगवान को लड्डू, पेड़े, मिठाई की जगह घड़ियां चढ़ाई जाते हैं।
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मान्यता है कि, जिन्होंने इस मंदिर में घड़ी बांधी है, उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
क्या है मंदिर की खासियत…
इस मंदिर की सबसे खास बात यह है, कि यहां एक विशालकाय पेड़ है, जिसमें लगभग 2 हजार से अधिक घड़ियां लटकी हुईं हैं। मंदिर आने वाले श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए यहां घड़ी बांधकर जाते हैं। इस वजह से रात के समय में जब मंदिर और पेड़ शांत हो जाते हैं, तो वहां से सिर्फ ‘टिक-टिक’ की आवाज सुनाई देती है।

मंदिर की बढ़ती प्रसिद्धि…
पहले इस मंदिर में आने वाले श्रद्धालु भगवान की प्रतिमा के पास ही घड़ी रखते थे। लेकिन समय के साथ इसकी प्रसिद्धि इतनी बढ़ गई की अब पूरा मंदिर घड़ियों से भर गया है।
अब लोग मंदिर के पास मौजूद विशाल पेड़ पर ही घड़ी बांधना शुरु कर दिया है। आज यह पेड़ भी पूरी तरह से घड़ियों से ढका हुआ है। पेड़ की टहनियां और शाखाएं अब पत्तों की बजाय घड़ियों से ढंकी हुई नजर आती हैं।
श्रद्धालुओं की आस्था और अनुभव…
मंदिर में आने वाले भक्त मानते हैं कि इस मंदिर में घड़ी बांधना उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है। लोग अलग-अलग ब्रांड और डिजाइन की घड़ियां बांधते हैं, जिससे यह जगह और भी रंगीन और आकर्षक दिखती है।

कई श्रद्धालुओं का कहना है कि – इस मंदिर में घड़ी बांधने के बाद उनकी मनोकामनाएं पूरी हुई हैं।
अनोखी परंपरा और संदेश…
यह मंदिर अपनी अनोखी परंपरा की वजह से न केवल उज्जैन में बल्कि पूरे राज्य में प्रसिद्ध है। यह मंदिर यह संदेश देता है कि आस्था केवल परंपराओं तक सीमित नहीं होती, बल्कि श्रद्धा और विश्वास के साथ जो भी चीज समर्पित की जाए, वह भगवान को प्रिय होती है।

