Chhattisgarh Bhootnath Mandir: छत्तीसगढ़ के भरतपुर ब्लॉक के घघरा ग्राम पंचायत का प्राचीन शिव मंदिर अपनी रहस्यमयी कहानी की वजह से काफी प्रसिद्ध है। स्थानीय लोगों की मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण भूतों ने केवल एक रात में किया था। यह मंदिर अपनी अनोखी बनावट और सौंदर्य की वजह से भूतनाथ मंदिर के नाम से जानी जाती है।
क्या है मान्यता?
स्थानीय निवासी बताते हैं कि- भगवान भोलेनाथ ऐसे देवता है, जिनकी पूजा और साधना आम इंसान से लेकर भगवान और भूत – पिशाच भी करते हैं। घघरा ग्राम पंचायत में स्थित शिवमंदिर का निर्माण भूतों ने एक रात में किया था। इस मंदिर में मिट्टी और सीमेंट का इस्तेमाल नहीं किया गया, बल्कि यह मंदिरो केवल पत्थरों से बना है। यह मंदिर सिर्फ एक पत्थर पर टीका है जो कि मंदिर के अंदर है। यह मंदिर सैकड़ों साल पुराना है।

मंदिर की संरचना और कलाकृतिया…
मंदिर की ऊंचाई करीब 50 फीट है। बड़े – बड़े पत्थरों को एक के ऊपर एख रखकर बनाया गया है। हर पत्थर पर भगवान की प्रतिमाएं और कलाकृतियां उकेरी गई हैं। मंदिर के भीतर शिवलिंग स्थापित हैं और मंदिर के आसपास कई पत्थरों पर गणेश, चक्र और अन्य धार्मिक कलाकृतियां देखने को मिलती हैं।

धरोहर के रुप में संरक्षण की मांग…
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर बहुत पुराना है, इसका रहस्य आज तक सही से कोई नहीं जान पाया, गांव वासियो कहते है मंदिर की बनावट देखकर लगता है इस मंदिर को स्वंय भगवान श्री विश्वकर्मा जी ने बनाया है। लोगों ने शासन से इस मंदिर को धरोहर के रुप में संरक्षित करने की मांग भी की।

साल 1858 में वहां भूकंप आया, जिसकी वजह से मंदिर का ऊपरी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन इसके बाद भी मंदिर की बनावट पर असर नहीं पड़ा।
भगवान राम से जुड़ी मान्यता…
मान्यता है कि, भगवान श्रीराम जब 14 वर्ष के लिए वनवास गए थे, उस दौरान इस इलाके से गुजरे। उन्होंने घघरा में शिवलिंग स्थापित किए और कहा जाता है कि राम, लक्ष्मण और सीता यहां 1 रात और 2 दिन रुके थे। मंदिर के आसपास आज भी 3 शिवलिंग विराजमान हैं, यह मंदिर राम वन गमन पथ सीतामढ़ी हरचौका से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित है।

