Hanuman Temple: इटारसी में स्थित ब्रिटिश काल का प्रसिद्ध ओवरब्रिज हनुमान धाम मंदिर नर्मदापुरम संभाग के लोगों की आस्था का केंद्र है। इस मंदिर की विशेषता यह है कि जब भी कोई ट्रेन मंदिर के सामने से गुजरती है,

लोको पायलट हॉर्न बजाकर बजरंगबली को सलामी देता है और सुरक्षित यात्रा की कामना करता है।
मंदिर के पुजारी पंडित नरेंद्र तिवारी और समिति सदस्य लखन बैस बताते हैं कि यह मंदिर सौ साल से भी अधिक पुराना है। अंग्रेज़ों के समय जब रेलवे लाइन बिछाई जा रही थी, तब कार्य में लगातार बाधाएं आ रही थीं।
कार्य में लगातार बाधाएं आ रही
उसी दौरान एक हिंदू कर्मचारी ने अंग्रेज़ इंजीनियरों को सलाह दी कि यदि हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जाए तो कार्य सफल होगा। उनकी बात मानकर होशंगाबाद से पत्थर की हनुमान प्रतिमा लाकर यहां स्थापित की गई।
Hanuman Temple: नियमित पूजा-अर्चना होने लगी

इसके बाद से रेलवे निर्माण का कार्य बिना किसी रुकावट के पूरा हो गया और तभी से यहां नियमित पूजा-अर्चना होने लगी।
रेलवे कर्मचारियों की आस्था भी इस मंदिर से गहराई से जुड़ी है। वे समय-समय पर यहां अखंड रामायण पाठ और सुंदरकांड पाठ का आयोजन करते हैं। नई रेल लाइन शुरू करने से पहले भी विशेष पूजा कराई जाती है।
पहले भी विशेष पूजा कराई जाती
मंदिर रेलपटरी के बीच स्थित है, इसलिए दिनभर ट्रेनों की आवाजाही बनी रहती है। ट्रेन चालक और गार्ड मंदिर के पास आते समय गति धीमी कर हॉर्न बजाकर श्रद्धा प्रकट करते हैं।
Hanuman Temple: हनुमान जयंती पर यहां भव्य उत्सव आयोजित

हनुमान जयंती पर यहां भव्य उत्सव आयोजित होता है। कहा जाता है कि हनुमान धाम में आने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
आम श्रद्धालुओं के साथ कई राजनेता और प्रसिद्ध हस्तियां भी यहां आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। यह मंदिर आज भी विश्वास, भक्ति और परंपरा का जीवंत प्रतीक बना हुआ है।


