Chhattisgarh Name Origin: छत्तीसगढ़, भारत का एक समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक राज्य, अपने अनूठे नाम के लिए जाना जाता है। कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर इस राज्य का नाम “छत्तीसगढ़” क्यों पड़ा? इस नाम के पीछे कई कहानियाँ और ऐतिहासिक तथ्य जुड़े हैं, जो इसकी उत्पत्ति को और भी रोचक बनाते हैं।
दक्षिण कोशल: प्राचीन नाम
छत्तीसगढ़ को प्राचीन काल में दक्षिण कोशल के नाम से जाना जाता था। रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथों में भी इस क्षेत्र का उल्लेख मिलता है। दक्षिण कोशल एक समृद्ध और शक्तिशाली क्षेत्र था, जो अपनी संस्कृति और व्यापार के लिए प्रसिद्ध था। इस नाम का उल्लेख प्राचीन ग्रंथों और शिलालेखों में भी देखने को मिलता है।
मराठा काल में छत्तीसगढ़ की लोकप्रियता
मराठा काल में छत्तीसगढ़ का नाम और भी प्रसिद्ध हुआ। इस दौरान इस क्षेत्र में कई छोटे-छोटे गढ़ (किले) और रियासतें थीं। मराठा शासकों ने इस क्षेत्र को प्रशासनिक रूप से संगठित किया, और यहाँ की संस्कृति और परंपराएँ और भी समृद्ध हुईं। इस समय छत्तीसगढ़ का नाम स्थानीय स्तर पर काफी प्रचलित हो गया था।
Chhattisgarh Name Origin: धर्म का गढ़: छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ को “धर्म का गढ़” भी कहा जाता है। यहाँ की संस्कृति और परंपराएँ धार्मिक और आध्यात्मिक मूल्यों से गहराई से जुड़ी हुई हैं। यहाँ के मंदिर, त्योहार और लोक परंपराएँ इस क्षेत्र को एक धार्मिक गढ़ के रूप में स्थापित करती हैं। खासकर माँ दंतेश्वरी और बम्लेश्वरी जैसे मंदिर इस क्षेत्र की धार्मिक पहचान को और मजबूत करते हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य का गठन
CG को आधिकारिक रूप से 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश से अलग करके एक स्वतंत्र राज्य बनाया गया। इस नए राज्य के गठन ने इस क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को और भी उजागर किया। छत्तीसगढ़ का गठन स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही माँग का परिणाम था, जो अपनी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करना चाहते थे।
36 स्तंभों की कहानी
छत्तीसगढ़ का नाम अपने आप में एक अनूठी कहानी समेटे हुए है। इस नाम के पीछे सबसे प्रचलित किंवदंती 36 गढ़ों (किलों) या मंदिर के 36 स्तंभों से जुड़ी है। खास तौर पर, डोंगरगढ़ में स्थित माँ बम्लेश्वरी मंदिर के 36 स्तंभों की कहानी को छत्तीसगढ़ के नामकरण से जोड़ा जाता है। हालांकि, यह भी माना जाता है कि इस क्षेत्र में प्राचीन काल में 36 छोटे-छोटे गढ़ या रियासतें थीं, जिनके आधार पर इस क्षेत्र का नाम “छत्तीसगढ़” पड़ा। नीचे हम इन दोनों पहलुओं—36 स्तंभों और 36 गढ़ों—के बारे में विस्तार से जानेंगे।

माँ बम्लेश्वरी मंदिर
Chhattisgarh Name Origin: डोंगरगढ़, छत्तीसगढ़ के राजनांदगाँव जिले में स्थित, माँ बम्लेश्वरी मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर पहाड़ी पर स्थित है और छत्तीसगढ़ की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक है। माना जाता है कि इस मंदिर के परिसर में 36 स्तंभ हैं, जो छत्तीसगढ़ के नामकरण को प्रेरित करते हैं। ये स्तंभ न केवल स्थापत्य कला का उत्कृष्ट नमूना हैं, बल्कि स्थानीय आस्था और इतिहास से भी गहराई से जुड़े हैं।


