Basant Panchami 2026: हिंदू धर्म में बसंत पंचमी का बहुत महत्व होता है। इस दिन ज्ञान की देवी माता सरस्वती की देशभर में पूजा की जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल बसंत पंचमी का पर्व माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन मनाया जाता है। यह त्योहार ऋषि पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। आइए जानते हैं कि इस साल कब है बसंत पंचमी?
कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी?
हिंदु पंचाग के अनुसार, इस साल माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 22 जनवरी 2026 की रात करीब 1:18 बजे होगी। वहीं पंचमी तिथि का समापन 24 जनवरी 2026 को रात 12:08 बजे होगा। इस वजह से बसंत पंचमी 23 जनवरी शुक्रवार के दिन मनाई जाएगी।
इस दिन न सिर्फ वीणावादिनी मां सरस्वती की पूजा की जाती है, बल्कि रति-कामदेव और लेखनी (कलम) की पूजा का भी विधान है।

कब है पूजा का शुभ मूहुर्त?
बसंत पचंमी के दिन ज्ञान की देवी मां सरस्वती की हर विद्यालय और विश्वविद्यालय हर शिक्षण संस्थान में पूजा होती है। लोग घर में भी माता की पूजा करते है। पंचांग के मुताबिक सुबह 07:58 बजे से सुबह 10:40 बजे तक मां सरस्वती की पूजा के लिए सबसे अच्छा मूहुर्त है।
बसंत ऋतु की होती है शुरुआत
यह त्योहार सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पश्चिमोत्तर बांग्लादेश और नेपाल में भी धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन से ही बसंत ऋतु की शुरुआत होती है। चारों तरफ हरियाली दिखाई देने लगती है। बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती को पीले रंग के भोग और फूल अर्पित करने चाहिए। जैसे – मीठे पीले चावल, केसर-सूजी का हलवा, बेसन के लड्डू चढ़ाना शुभ होता है।
सरस्वती पूजन ध्यान मंत्र
‘या कुन्देन्दु तुषारहार धवला या शुभ्रवस्त्रावृता.
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥’
also read –Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि की शुरुआत आज, भूलकर भी न करें ये गलतियां!

