मध्य प्रदेश में आज एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है. मोहन सरकार की पहली ई-केबिनेट बैठक होने जा रही है.
Mohan government’s first e-cabinet meeting: जिसमें प्रदेश के सभी मंत्रियों और विभागीय सचिवों को टेबलेट दिए गए है. इस पहल से कैबिनेट मीटिंग की प्रक्रिया में पारदर्शिता, त्वरित निर्णय और कागज की बचत सुनिश्चित होगी..

मंत्रियों के लिए नई तकनीक का तोहफा
आज के दौर में डिजिटल बदलाव जरूरी हो गया है. इसी को देखते हुए मंत्रियों और सचिवों को टेबलेट दिए गए हैं.
जिनमें ई-केबिनेट एप्लीकेशन इंस्टॉल होगी. इस ऐप के माध्यम से वे कहीं भी, कभी भी कैबिनेट के एजेंडा और पिछले निर्णयों की रिपोर्ट देख सकेंगे.
जानिए किन मुद्दो पर होंगे चर्चा ?
ग्वालियर मेला
Mohan government’s first e-cabinet meeting: वाहनों के लिए 50% परिवहन शुल्क में छूट देने का प्रस्ताव वित्त विभाग से प्रस्तुत किया जा सकता है।
जल संसाधन विभाग
झिरमिटी मध्यम सिंचाई परियोजना और नावथा सिंचाई परियोजना को प्रशासकीय स्वीकृति दी जाएगी।
नर्मदा घाटी विकास विभाग
त्वरित सिंचाई योजनाओं के लिए नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट कंपनी लिमिटेड के माध्यम से वित्त पोषण की मंजूरी।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग
प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान योजना जारी रखने की मंजूरी।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जारी रखने के प्रस्ताव।
ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा बनी सड़कों के नवीनीकरण और उन्नयन की मंजूरी।
परिवहन विभाग
मध्य प्रदेश मोटरयान कर ध्यान अधिनियम की प्रथम और द्वितीय अनुसूची में संशोधन को मंजूरी देने का प्रस्ताव।
डिजिटल कैबिनेट के फायदे
Mohan government’s first e-cabinet meeting: कागज की बचत- हर बैठक के लिए भारी भरकम फोल्डर अब टेबलेट में होंगे।
समय की बचत- मंत्री कहीं भी बैठकों के एजेंडा और रिपोर्ट देख सकेंगे।
गोपनीयता- डिजिटल सुरक्षा से सरकारी दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे।
पिछले निर्णयों की ट्रैकिंग- पूर्व की बैठकों के निर्णय भी आसानी से देखे जा सकेंगे।

