Itarsi Budi Mata Temple: मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले की इटारसी तहसील में एक अद्भुत मंदिर है जहां माता बूढ़ी अवस्था में विराजमान है, और यह मंदिर बूढ़ी माता मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है।
यह भक्तों की श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। यहां श्रद्धालु दीवार पर सिक्के चिपकाकर मन्नत मांगते हैं, और मान्यता है कि अगर सिक्का दीवार पर चिपक जाए, तो मां बूढ़ी माता मनोकामना जरूर पूरी करती हैं।

श्रद्धा का केंद्र: बूढ़ी माता मंदिर…
यह मंदिर जिलेभर में आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। हर साल यहां श्री शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया जाता है, जिसमें लगभग 1 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भक्तों का मानना है कि इस मंदिर में मां बूढ़ी माता विशेष रूप से अपनी कृपा बरसाती हैं।
सिक्का चिपकाने की अनोखी परंपरा…
बूढ़ी माता मंदिर में सिक्के चिपकाकर मन्नत मांगने की परंपरा कई दशकों पुरानी है। ऐसा कहा जाता है कि जो भी श्रद्धालु पूरे विश्वास से सिक्का चिपकाते हैं, और वह सिक्का दीवार पर टिक जाता है, तो उनकी हर मनोकामना पूरी होती है।

मंदिर का इतिहास…
बूढ़ी माता मंदिर की स्थापना वर्ष 1975 में एक छोटे से मढ़िया के रूप में हुई थी। समय के साथ यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई और अब यह मंदिर पूरे जिले में प्रसिद्ध हो चुका है। मंदिर में मां श्री शतचंडी महायज्ञ की परंपरा पिछले 44 वर्षों से निरंतर जारी है।

हर साल लाखों भक्त पहुंचते हैं दर्शन के लिए…
कार्यक्रम संयोजक जसबीर सिंह छाबड़ा के अनुसार, यह मंदिर जिले का इकलौता स्थान है जहां बंजारों की माई बूढ़ी माता के नाम से देवी की पूजा की जाती है। हर साल हजारों लोग यहां मन्नतें मांगने और महायज्ञ में भाग लेने पहुंचते हैं।

19 फरवरी को होगी पूर्णाहुति…
13 फरवरी से प्रारंभ हुए श्री शतचंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति 19 फरवरी (मंगलवार) को की जाएगी। इस अवसर पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाएगा, मां बूढ़ी माता का श्रृंगार किया जाएगा और महाआरती व प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न होगा।

