Navratri Do’s & Don’ts: हिंदु धर्म में आए दिन कोई न कोई त्योहार आता ही रहता है, जिनमें से एक नवरात्रि है, वैसे तो साल में 4 बार नवरात्रि आती है, लेकिन शारदीय नवरात्रि में चारों तरफ सजावट होती है, लोग मां दुर्गा, मां काली, माताओं के अलग- अलग स्वरुप की स्थापना करते है। 9 – 10 दिन तक माता की विधिवत पूजा की जाती है, लेकिन माता की पूजा करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान देना चाहिए, कुछ गलतियां भूलकर भी नहीं करनी चाहिए, नहीं तो माता की कृपा से आप वंचित रह जाएंगे।
बता दें कि, शारदीय नवरात्रि की शुरुआत इस साल 22 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक चलेगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार नवरात्रि 9 दिन की नहीं बल्कि 10 दिनों की होगी। यह अद्भुत संयोग लगभग 9 साल बाद बना है।
नवरात्र के समय भूलकर न करें ये गलतियां…
अन्न और जल न करें अपमान…
कभी भी अन्न और जल का अपमान नहीं करना चाहिए, अगर खाना बच भी जाए तो कुत्ते को खिला दें, लेकिन भूलकर भी कचरे के डिब्बे में न डाले। इससे अन्न का अपमान होता है। और इससे माता नाराज हो सकती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अन्न का अपमान करने से घर में दरिद्रता आती है।

चमड़े की चीजों का इस्तेमाल न करें…
माता रानी की पूजा करते समय चमड़े से बनी चींजें जैसे- बेल्ट, पर्स, जूते आदि चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ये वस्तुएं तामसिक मानी जाती हैं। और पूजा में पहनना वर्जित हैं।
नवरात्र में बाल और नाखून न काटे…
नवरात्र के समय बाल काटने, दाढ़ी बनाने से बचना चाहिए। साथ ही नाखून भी नहीं काटना चाहिए।

कन्याओं का अपमान न करें…
हिंदु धर्म में कन्याओं को देवी का स्वरुप माना जाता है, खासकर नवरात्र के दिनों में उनकी कन्या के रुप में पूजा भी की जाती है। इसलिए भूलकर भी किसी कन्या का अनादर नहीं करना चाहिए।
ब्रम्हाचर्य का करें पालन…
व्रत के समय मानसिक और शारीरिक रुप से ब्रम्हाचर्य का पालन करना चाहिए। इससे माता की आराधना और पूजा सफल होती है।

पूजा के दौरान बीच में न उठे…
नवरात्रि में ही नहीं बल्कि जब भी किसी कथा में बैठे या किसी भी देवी -देवताओं की पूजा करें तो पूरी श्रद्धा और मन से पूजा करनी चाहिए। और कभी भी कथा और पूजा से बीच में नहीं उठना चाहिए।

