Trade License Rule in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ सरकार ने अब राज्य की सभी दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया है। शुक्रवार को जारी राजपत्र अधिसूचना के बाद यह नियम पूरे प्रदेश के नगरीय निकायों में लागू हो गया है।
इस नए प्रावधान के तहत गुमटी, ठेला, छोटी दुकान से लेकर बड़े मॉल तक सभी को लाइसेंस लेना होगा, अन्यथा वे अपना व्यवसाय नहीं चला पाएंगे।
192 नगरीय निकायों में लागू हुआ नियम
नगरीय प्रशासन विभाग ने बताया कि राज्य के 192 निकायों में यह नियम लागू कर दिया गया है। इनमें नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतें शामिल हैं।
सड़क और बाजार के आधार पर दुकानों को तीन कैटेगरी में विभाजित किया गया है, जिनके अनुसार अलग-अलग रेट तय किए गए हैं।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि हर दो साल में शुल्क में 5% की वृद्धि की जाएगी। इससे नगर निकायों की आय बढ़ेगी और व्यापारिक गतिविधियों पर निगरानी भी आसान होगी।

निगम, पालिका और पंचायतों के लिए अलग-अलग शुल्क
- नगर निगम क्षेत्र में ट्रेड लाइसेंस का अधिकतम शुल्क 30,000 प्रति वर्ष रखा गया है।
- नगर पालिका क्षेत्र में 20,000 प्रति वर्ष
- जबकि नगर पंचायत क्षेत्र में 10,000 प्रति वर्ष का शुल्क तय किया गया है।
दुकानदार चाहें तो 10 साल का शुल्क एकमुश्त जमा भी कर सकते हैं। इससे उन्हें हर साल लाइसेंस नवीनीकरण की झंझट से छुटकारा मिलेगा।
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Trade License Rule in Chhattisgarh: अब तक सिर्फ 45 निकायों में थी व्यवस्था
गौरतलब है कि इससे पहले सिर्फ 45 निकायों में ट्रेड लाइसेंस प्रणाली लागू थी। हर निकाय के अपने अलग रेट थे और कोई एकरूपता नहीं थी।
अधिकांश दुकानदार अब तक श्रम विभाग से गुमाश्ता लाइसेंस लेकर व्यापार कर रहे थे। वहीं, ट्रेड लाइसेंस केवल वही व्यापारी लेते थे जिन्हें बैंक लोन या सरकारी प्रक्रिया के लिए इसकी आवश्यकता पड़ती थी।
अब नए नियम के तहत सभी दुकानों को वैध व्यापारिक संचालन के लिए ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।

