Thinthini Patthar Surguja: भारत हमेशा से अपने रहस्यों और अद्भुत तथ्यों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध रहा है। यहां कई ऐसे प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं जो आज भी वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को चकित करते हैं। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की धरती पर भी एक ऐसा ही रहस्यमयी स्थल मौजूद है, जो लोगों को आकर्षित करता है। सरगुजा जिले (Surguja District) में स्थित यह स्थल ठिनठिनी पत्थर (Thinthini Patthar) के नाम से जाना जाता है।
ठिनठिनी पत्थर कहां स्थित है?
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में दारिमा एयरपोर्ट के पास बसे गांव छिंदकालो (Chindkalo) में यह रहस्यमयी पत्थर मौजूद है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह पत्थर किसी चमत्कार से कम नहीं है। हर साल यहां आने वाले पर्यटक इसकी अनोखी विशेषताओं को देखकर आश्चर्यचकित रह जाते हैं।

Thinthini Patthar Surguja: क्यों खास है यह पत्थर?
इस पत्थर की सबसे खास बात इसकी ध्वनि है। जब इस पर किसी वस्तु से प्रहार किया जाता है तो यह साधारण पत्थरों की तरह ठक-ठक नहीं करता, बल्कि इसमें से बर्तन के खनकने जैसी आवाज या मधुर ध्वनि सुनाई देती है। यही कारण है कि स्थानीय लोगों ने इसे ठिनठिनी पत्थर नाम दिया।
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ध्वनि की यह अनोखी विशेषता आज भी वैज्ञानिकों के लिए रहस्य बनी हुई है। कई बार रिसर्च होने के बावजूद यह रहस्य नहीं सुलझ पाया कि आखिर यह पत्थर ऐसी ध्वनि क्यों करता है।

रिसर्च के बाद भी अनसुलझा रहस्य
विशेषज्ञों का मानना है कि पत्थर के भीतर किसी प्रकार की धातु संरचना या खास भू-वैज्ञानिक कारण हो सकते हैं। हालांकि अब तक की गई रिसर्च में ऐसा कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया। यही कारण है कि यह पत्थर आज भी रहस्यमय (Mystery) बना हुआ है।
ऐसा है ठिनठिनी पत्थर का स्वरूप
1. आकार और बनावट
यह पत्थर सामान्य पत्थरों जैसा ही दिखाई देता है, लेकिन इसका आकार और सतह इसे अलग बनाते हैं। पहली नजर में यह आम चट्टान जैसी लगती है।
2. ध्वनि की क्षमता
जब कोई व्यक्ति इस पत्थर को छड़ी, लकड़ी या किसी धातु की वस्तु से बजाता है, तो इसमें से अलग-अलग ध्वनियां निकलती हैं। कभी यह ध्वनि बर्तनों के टकराने जैसी लगती है, तो कभी मधुर झंकार सी सुनाई देती है।
3. स्थानीय मान्यता
गांव के लोग मानते हैं कि यह पत्थर देवताओं की देन है और इसमें अलौकिक शक्ति है। यही कारण है कि ग्रामीण इस पत्थर को विशेष सम्मान देते हैं।
पर्यटन और आकर्षण का केन्द्र
ठिनठिनी पत्थर हर साल सैकड़ों पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है। आसपास के लोग यहां अपने मेहमानों को जरूर लेकर आते हैं। यह स्थान आज धीरे-धीरे एक पर्यटन स्थल के रूप में पहचान बना रहा है।

Thinthini Patthar Surguja: सुरक्षित रखने की आवश्यकता
आज जब विकास और शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में प्राकृतिक और रहस्यमयी धरोहरों को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।
1. वैज्ञानिक महत्व
इस पत्थर पर आगे रिसर्च कर वैज्ञानिक इसके रहस्य को उजागर कर सकते हैं।
2. पर्यटन की संभावना
अगर इसे संरक्षित और विकसित किया जाए, तो यह छत्तीसगढ़ पर्यटन के लिए एक बड़ा आकर्षण बन सकता है।
3. सांस्कृतिक धरोहर
स्थानीय लोगों के लिए यह पत्थर आस्था और गर्व का प्रतीक है। इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना आवश्यक है।

