मंदसौर के कुछ गांवों में वैश्यावृत्ति की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है, खासकर बाछड़ा समुदाय के बीच। यह समुदाय मध्य प्रदेश के मंदसौर, नीमच, और रतलाम के आसपास के क्षेत्रों में पाया जाता है।
Sex trade: वैश्यावृत्ति की परंपरा का स्वरूप

• बाछड़ा समुदाय में लड़कियों को जन्म से पहले या बचपन में ही उनके परिवार द्वारा वैश्यावृत्ति में धकेला जाता है। यह एक सामाजिक कुप्रथा की तरह
पीढ़ी दर पीढ़ी चलती आ रही है।
• लड़कियों की शादी तय होने से पहले ही उन्हें इस व्यापार के लिए तैयार किया जाता है। कई बार उनकी मजदूरी परिवार के आर्थिक हितों के लिए होती है।
• कई लड़कियां मजबूरी और भय की वजह से इस धंधे से बाहर निकल नहीं पाती हैं।

• कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि इस क्षेत्र में लगभग 72 गांव हैं,
जिनमें से 68 गांवों में खुलेआम देह व्यापार होता है और इसमें हजारों महिलाएं, जिनमें नाबालिग लड़कियां भी शामिल हैं, संलिप्त हैं।
Sex trade: इलाके और समुदाय की खास बातें

• यह क्षेत्र मध्यप्रदेश-राजस्थान सीमा के समीप है और यहां से गुजरने
वाले राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्ग के किनारे कई ऐसे डेरे हैं जहां देह व्यापार होता है।
• पुलिस ने कई बार छापामारी कर नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया है,
लेकिन सामाजिक संरचना की मजबूती के कारण यह प्रथा समाप्त नहीं हो पाई है।
• बाछड़ा समुदाय में लड़कों को दहेज में भारी रकम देना पड़ती है, जिसके कारण कई लड़के कुंवारे रह जाते हैं।
बदलाव और चुनौतियां

• कुछ सुधारवादी लोग और प्रशासन इस कुप्रथा को खत्म करने के लिए काम कर रहे हैं,
लड़कियों को शिक्षा और रोजगार से जोड़ने की पहल भी हो रही है।
• हालांकि, परंपरा और डर के कारण समस्या जटिल बनी हुई है और सामाजिक बदलाव धीरे-धीरे ही संभव हो पा रहा है।
इस प्रकार, मंदसौर जिले के कुछ खास गांव और बाछड़ा समुदाय की
लड़कियां वेश्यावृत्ति की कुप्रथा के तहत जीवन व्यतीत कर रही हैं,
जहां यह एक मजबूरन व पारंपरिक धंधा बन चुका है।

