Gariaband Naxal encounter: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस ऑपरेशन में 36 घंटे तक लगातार मुठभेड़ चली, जिसमें जवानों ने 10 नक्सलियों को मार गिराया। इन मारे गए नक्सलियों में 6 पुरुष और 4 महिला शामिल हैं।
36 घंटे चली मुठभेड़
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन सभी नक्सलियों पर कुल 5 करोड़ 22 लाख रुपए का इनाम घोषित था। ऑपरेशन की सफलता के बाद जवानों ने स्थल पर ही जश्न मनाया। यह कार्रवाई नक्सल संगठन के लिए बहुत बड़ा झटका मानी जा रही है और इसे इलाके में उनकी गतिविधियों को कमजोर करने वाली घटना बताया जा रहा है।

राजाडेरा-मटाल पहाड़ियों में मुठभेड़
जानकारी के अनुसार, यह मुठभेड़ थाना मैनपुर से 26-28 किमी दूर राजाडेरा-मटाल पहाड़ियों में गुरुवार से शुरू हुई थी। सुरक्षाबलों को खुफिया जानकारी मिली थी कि इस इलाके में नक्सली सक्रिय हैं। इसके बाद ऑपरेशन की रणनीति बनाई गई और जवानों ने इलाके को घेरकर सर्चिंग शुरू की।
Gariaband Naxal encounter: मारे गए नक्सलियों की पहचान
सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन के बाद इलाके की तलाशी के दौरान 10 नक्सलियों के शव बरामद किए और उनकी शिनाख्त कर ली। इस ऑपरेशन में सबसे बड़ा नाम मोडेम बालाकृष्णा उर्फ मनोज का है, जो नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी का सदस्य था। उस पर अकेले ही 1.50 करोड़ रुपए का इनाम था।
- रामकृष्ण यादव – 50 लाख
- प्रमोद उर्फ पांडु – ओडिशा राज्य कमेटी सदस्य, इनाम 65 लाख
- विमल उर्फ मगन्ना – टेक्निकल टीम इंचार्ज, इनाम 18 लाख
- सुरेश कुमार साहू – 45 लाख
- अंजना मंडावी – 40 लाख
- मंजू कुमारी – 30 लाख
- दीपक साहू – 25 लाख
- राकेश यादव – 35 लाख
- संगीता मंडावी – 28 लाख
- विजय कुमार – 20 लाख
- अशोक कश्यप – 25 लाख
- सविता कश्यप – 24 लाख

पहले कब मारे गए नक्सली
इस इलाके में इससे पहले भी कई ऑपरेशन किए जा चुके हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस की जानकारी के अनुसार, पिछले साल दिसंबर में गरियाबंद जिले में 6 नक्सलियों की मुठभेड़ हुई थी। उस समय भी सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई की थी, लेकिन यह नया ऑपरेशन अब तक का सबसे बड़ा और सफल अभियान माना जा रहा है।
सुरक्षा बलों की रणनीति
Gariaband Naxal encounter: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस ऑपरेशन में सटीक खुफिया जानकारी और सुरक्षाबलों की त्वरित कार्रवाई ने सफलता दिलाई। ऑपरेशन स्थल पर जवानों ने इलाके की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की और किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचाव किया।
इस कार्रवाई से नक्सलियों का मनोबल टूटने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि इलाके में अब नक्सल संगठन की गतिविधियां काफी कमजोर पड़ेंगी।

