Bastar MoU investment: बस्तर, छत्तीसगढ़ का वह क्षेत्र जो कभी उपेक्षा, अभाव और नक्सलवाद की छाया में जीता था, आज विकास की स्वर्णिम सुबह का प्रतीक बनकर उभर रहा है। यह क्षेत्र अब निवेश, अवसर और रोजगार का नया केंद्र बन चुका है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से बस्तर में हर क्षेत्र—उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और पर्यटन—में समावेशी विकास की गूंज सुनाई दे रही है।

यह बदलाव न केवल बस्तर की तस्वीर बदल रहा है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की गाथा लिख रहा है। हाल ही में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में 967 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो 2100 से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार प्रदान करेंगे। यह परिवर्तन बस्तर को नक्सल-मुक्त क्षेत्र बनाने के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जहां 2026 तक पूर्ण शांति स्थापित करने का संकल्प लिया गया है।
52,000 करोड़ की परियोजनाएं
बस्तर का इतिहास संघर्षों से भरा रहा है। नक्सलवाद के कारण यहां विकास कार्य बाधित होते रहे, लेकिन अब सुरक्षा शिविरों की संख्या बढ़ाकर और नक्सल उन्मूलन अभियान को तेज कर स्थिति नियंत्रण में है। राज्य सरकार ने निय्याद नेल्ला नार योजना के तहत विकास परियोजनाओं को गति दी है। अब बस्तर न केवल शांतिपूर्ण हो रहा है, बल्कि आर्थिक रूप से मजबूत भी। 52,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं से बस्तर एक निवेश गंतव्य के रूप में उभर रहा है। यह बदलाव आदिवासी समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ रहा है, जहां शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार हो रहा है।
Bastar MoU investment: रेल-सड़क परियोजनाएं
बस्तर के विकास को गति देने के लिए बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार ने रेल और सड़क परियोजनाओं में भारी निवेश किया है, जो न केवल कनेक्टिविटी बढ़ाएंगे, बल्कि पर्यटन, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा देंगे।
5,200 करोड़ की रेल परियोजनाओं को मंजूरी
सरकार ने 5,200 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें रावघाट-जगदलपुर नई रेल लाइन (3,513.11 करोड़ रुपये) और कोत्तवलसा-किरंदुल (केजेके) रेल लाइन का दोहरीकरण शामिल है। ये परियोजनाएं बस्तर को मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ेंगी, जिससे यात्रा समय कम होगा और माल परिवहन आसान बनेगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि बस्तर के झरने, गुफाएं और सांस्कृतिक उत्सव अब आसानी से पहुंच योग्य होंगे।
आज बस्तर में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट में 52 हज़ार करोड़ के एमओयू प्राप्त हुए। इनमें एनएमडीसी, रेलवे और निजी निवेश शामिल हैं। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। pic.twitter.com/mYL0jEvA4k
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) September 11, 2025
इन रेल परियोजनाओं से युवाओं के लिए हजारों रोजगार सृजित होंगे। निर्माण कार्य में स्थानीय श्रमिकों को प्राथमिकता दी जा रही है। बेहतर कनेक्टिविटी से नक्सलवाद उन्मूलन के प्रयास मजबूत होंगे, क्योंकि सुरक्षा बलों की तैनाती आसान हो जाएगी। बस्तर अब विश्वसनीय निवेश का केंद्र बनेगा, जहां औद्योगिक इकाइयां स्थापित होंगी।
सड़क विकास परियोजनाओं की स्वीकृति
बस्तर में 2,300 करोड़ रुपये की सड़क विकास परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। धमतरी-कांकेर-कोंडागांव-जगदलपुर मार्ग का वैकल्पिक रास्ता अबूझमाड़, नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बीजापुर तक विस्तारित किया जा रहा है। यह परियोजना नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को मुख्य सड़कों से जोड़ेगी, जिससे आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी।
केशकाल घाट सड़क की मरम्मत और आदिवासी क्षेत्रों में सड़कें बनाने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के सहयोग से 800 किलोमीटर सड़कों का उन्नयन हो रहा है, जो दो-लेन या चार-लेन में परिवर्तित होंगी। इससे दुर्घटनाएं कम होंगी और व्यापार बढ़ेगा।
नई उद्योग नीति के अंतर्गत अब तक साढ़े छ: लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और कई परियोजनाओं का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है।
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) September 11, 2025
एआई डाटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और ऊर्जा जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में निवेश के साथ हमारा प्रदेश तीव्र गति से विकास कर रहा है।#CGBusinessEasy pic.twitter.com/S8qbn0Gjvb
बड़े निवेश से बदलता बस्तर
सार्वजनिक निवेश बस्तर के परिवर्तन का आधार है। 52,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही हैं। राज्य बजट 2025-26 में 1.65 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिसमें बस्तर के लिए विशेष प्रावधान हैं।
Bastar MoU investment: स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव आ रहा है। बस्तर को पहला 350 बेड का निजी अस्पताल मिला है, जो आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करेगा। यह अस्पताल न केवल स्थानीय लोगों को लाभ देगा, बल्कि क्षेत्र को मेडिकल हब बनाएगा। सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती और उपकरणों की आपूर्ति से स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो रही हैं।
महिला और बाल स्वास्थ्य पर फोकस है, जहां एनीमिया और कुपोषण कम करने के लिए कार्यक्रम चल रहे हैं। 200 एकड़ मेडिकल सिटी की योजना से स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा।
निजी अस्पताल का प्रभाव
यह 350 बेड वाला अस्पताल सुपर स्पेशलिटी सेवाएं प्रदान करेगा, जैसे कार्डियोलॉजी और ऑन्कोलॉजी। इससे मरीजों को बाहर जाने की जरूरत कम होगी, और 500 से अधिक रोजगार सृजित होंगे।
शिक्षा और कौशल विकास
शिक्षा में निवेश से बस्तर के युवा सशक्त हो रहे हैं। नए स्कूल और डिजिटल नेटवर्क स्थापित हो रहे हैं। आईटी और कौशल प्रशिक्षण केंद्र खोले जा रहे हैं, जो युवाओं को उद्योगों के लिए तैयार करेंगे।
निजी निवेश और समावेशी विकास
निजी निवेश बस्तर की प्रगति का इंजन है। इन्वेस्टर कनेक्ट में 967 करोड़ के प्रस्ताव स्वास्थ्य, कृषि और फूड प्रोसेसिंग में आए। यह समावेशी विकास सुनिश्चित करेगा, जहां आदिवासी महिलाओं को प्राथमिकता मिलेगी।
खाद्य प्रसंस्करण में नई शुरुआत
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में बस्तर फूड फर्म जैसे स्टार्टअप उभर रहे हैं। स्थानीय जड़ी-बूटियों और फलों का प्रसंस्करण हो रहा है, जो पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद बनाता है। आधुनिक राइस मिल और कोल्ड स्टोरेज की स्थापना से किसानों को लाभ।
बस्तर फार्म्स किसान-केंद्रित इको-सिस्टम बना रहा है, जो आदिवासी महिलाओं को रोजगार देता है। पीएम फूड प्रोसेसिंग योजना के तहत सब्सिडी मिल रही है।
फूड प्रोसेसिंग के लाभ
यह क्षेत्र 2.03 मिलियन रोजगार पैदा कर सकता है। बस्तर के उत्पाद जैसे महुआ और तेंदू पत्ता वैश्विक बाजार में बिकेंगे।
एग्रीटेक और वैल्यू एडिशन
एग्रीटेक में भारत एग्रीटेक जैसे प्लेटफॉर्म छोटे किसानों के लिए मशीनरी उपलब्ध करा रहे हैं। चाफ कटर और राइस मिल जैसी मशीनें उत्पादकता बढ़ा रही हैं। वैल्यू एडिशन से कच्चे माल का मूल्य बढ़ेगा।
अग्रिटेक इंडिया 2025 में बस्तर के उत्पाद प्रदर्शित होंगे। स्मार्ट डिवाइस से फसल निगरानी आसान हो रही है।
कृषि मशीनरी का योगदान
कृषि मशीनरी से श्रम कम होगा और उपज बढ़ेगी। प्रेटर इंडस्ट्रीज जैसे उपकरण अनाज प्रसंस्करण में मदद कर रहे हैं।
वेलनेस और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में प्रगति
वेलनेस सेंटर और होमस्टे से पर्यटन बढ़ रहा है। बस्तर की प्राकृतिक चिकित्सा और सांस्कृतिक उत्सव पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। इको-टूरिज्म से स्थानीय आय बढ़ेगी।
हॉस्पिटैलिटी में निवेश से 200 एकड़ क्षेत्र में रिसॉर्ट्स बनेंगे।
Bastar MoU investment: पर्यटन विकास के अवसर
यूएन टूरिज्म ने धुदमरास गांव को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव चुना है। एडवेंचर टूरिज्म सर्किट से रोजगार बढ़ेगा।
वुड, फर्नीचर और कृषि मशीनरी
लकड़ी और फर्नीचर उद्योग में बस्तर की प्राकृतिक लकड़ी का उपयोग हो रहा है। सस्टेनेबल वुड प्रोसेसिंग से पर्यावरण संरक्षण होगा। कृषि मशीनरी में नए क्लस्टर स्थापित हो रहे हैं।
पीएमईजीपी योजना से सशक्तिकरण
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) से बस्तर के उद्यमी सशक्त हो रहे हैं। योजना के तहत 49.50 लाख रुपये से अधिक की सहायता वितरित हुई। योगिता वानखेड़े को 5 लाख, रागिनी जैनवाल को 14.50 लाख मिले।
हरिश कोमरा (गारमेंट्स-9 लाख), सुरेश बघेल (हार्वेस्टर-20 लाख) जैसे लाभार्थी सफल हो रहे हैं। यह योजना माइक्रो एंटरप्राइजेज को बढ़ावा देती है, जहां 15-35% सब्सिडी मिलती है।
योजना के लाभ और कार्यान्वयन
पीएमईजीपी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार पैदा करती है। बस्तर में एससी/एसटी को प्राथमिकता। इससे 2100 नौकरियां सृजित हुईं।
बस्तर में औद्योगिक विस्तार के अवसर
Bastar MoU investment: औद्योगिक विस्तार के लिए 118 एकड़ क्षेत्र नागरनार स्टील प्लांट के लिए आरक्षित है। सीमेंट प्लांट और फारो एलॉय यूनिट्स की योजना है. टेक्सटाइल, आईटी और पर्यटन में निवेश बढ़ रहा है। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 से अनुमोदन आसान।

