Sarangarh-Bilaigarh News: छत्तीसगढ़ के चर्चित रायकोना निवेश घोटाले में निवेशकों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। करीब 30 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपी शिवा साहू की संपत्तियों को कुर्क कर उनकी नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है। इस मामले में लगभग 270 ग्रामीणों ने अपनी रकम गंवाई थी। अब संपत्तियों की बिक्री से प्राप्त राशि प्रभावित निवेशकों को लौटाने का रास्ता खुल सकता है।
270 निवेशकों से जुटाए थे करीब 30 करोड़ रुपये
रायकोना ठगी मामले में शिवा साहू पर आरोप है कि उसने अपनी संस्था ‘शिवा विथ जर्नी’ के माध्यम से ग्रामीणों को निवेश के नाम पर आकर्षक रिटर्न का भरोसा दिलाया था। लोगों को क्रिप्टोकरेंसी और शेयर बाजार में पैसा लगाने की बात कहकर हर महीने 30 प्रतिशत तक मुनाफा देने और महज आठ महीने में निवेश की रकम दोगुनी करने का वादा किया गया था।
इन दावों पर भरोसा करते हुए करीब 270 लोगों ने बड़ी रकम निवेश की। हालांकि, बाद में यह मामला कथित वित्तीय धोखाधड़ी के रूप में सामने आया और निवेशकों ने पुलिस से शिकायत की। कुल ठगी की रकम लगभग 30 करोड़ रुपये बताई गई है।
FIR दर्ज होने के बाद गिरफ्तार हुए आरोपी
शिकायतों के आधार पर सरसींवा थाने में अपराध क्रमांक 131/2024 के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच के दौरान शिवा साहू और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
जांच एजेंसियों ने मामले से जुड़ी संपत्तियों की जानकारी जुटाकर उन्हें जब्त करने की कार्रवाई की। इसके बाद छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के तहत विशेष न्यायालय में कुर्की की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
अदालत ने अधिनियम की धारा 7(2) के तहत संबंधित संपत्तियों की कुर्की और नीलामी की अनुमति प्रदान की है।
परिवार के सदस्यों के नाम दर्ज संपत्तियां भी कार्रवाई के दायरे में
न्यायालय के आदेश के अनुसार, शिवा साहू के अलावा उसके परिवार के कुछ सदस्यों के नाम पर दर्ज संपत्तियों को भी नीलामी के लिए चिह्नित किया गया है। इनमें उसके पिता टीकाराम साहू, माता चंद्रकला साहू और बहन रीतू साहू के नाम पर पंजीकृत चल एवं अचल संपत्तियां शामिल हैं।
चल संपत्तियों की सूची में BMW कार, महिंद्रा थार, मिनी बस, बुलडोजर और ट्रैक्टर जैसे वाहन एवं मशीनरी शामिल बताए गए हैं।
वहीं जमीन और अन्य अचल संपत्तियां रायकोना, डुरुमगढ़, मनपसरा, सोहागपुर, टाटा, छिरचुआ और सरसींवा सहित कई इलाकों में स्थित हैं।
निवेशकों को पैसा वापस मिलने की जगी उम्मीद
इस न्यायिक आदेश को ठगी के शिकार निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संपत्तियों की नीलामी से मिलने वाली रकम का उपयोग प्रभावित लोगों के दावों के निपटारे और राशि लौटाने की प्रक्रिया में किया जा सकता है। हालांकि, प्रत्येक निवेशक को कितनी रकम और किस प्रक्रिया के तहत वापस मिलेगी, यह आगे की कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
आर्थिक धोखाधड़ी करने वालों के लिए सख्त संदेश
रायकोना निवेश घोटाले में अदालत की इस कार्रवाई को आर्थिक अपराधों के खिलाफ एक अहम कदम माना जा रहा है। ऊंचे मुनाफे और कम समय में रकम दोगुनी करने के वादों के जरिए लोगों को निवेश के लिए आकर्षित करने वाले ऐसे मामलों में यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकती है।
फिलहाल प्रभावित निवेशकों की निगाहें संपत्तियों की नीलामी और धन वापसी की आगामी प्रक्रिया पर टिकी हैं।
