Ujjain News: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के खाचरोद में कथित लव जिहाद के मामलों को लेकर हिंदू संगठनों ने व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान आयोजित हिंदू महापंचायत में 15 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने का दावा किया गया। कार्यक्रम में संतों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और हिंदूवादी नेताओं ने हिस्सा लेकर समाज में एकजुटता और जागरूकता का संदेश दिया।
खाचरोद में निकली विशाल विरोध रैली
खाचरोद में आयोजित इस महापंचायत में मध्य प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से हिंदू जागरण मंच और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता पहुंचे। कार्यक्रम में संत आनंद गिरि महाराज, संत नरेंद्र गिरि महाराज, हिंदू जागरण मंच के प्रचारक मोहित सेंगर और प्रवक्ता नेपाल सिंह सहित कई प्रमुख वक्ता मौजूद रहे।
महापंचायत के बाद शहर में एक विशाल रैली निकाली गई। भगवा ध्वज लेकर शामिल हुए प्रदर्शनकारियों ने कथित लव जिहाद के विरोध में नारेबाजी की। रैली की शुरुआत उज्जैन दरवाजे से हुई, जो विक्रम मार्ग, गणेश देवली और चबूतरा चौराहे से गुजरते हुए शुक्रवारीया बाजार तक पहुंची।
युवती से जुड़े मामले के बाद बढ़ा विवाद
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत खाचरोद थाना क्षेत्र में सामने आए एक मामले से हुई। जानकारी के मुताबिक, करीब पांच दिन पहले 20 वर्षीय हिंदू युवती के एक मुस्लिम युवक सादिक के साथ चले जाने की शिकायत सामने आई थी।
इस घटना को लेकर युवती के परिजनों और स्थानीय हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई। मामले में बहला-फुसलाकर ले जाने और धर्म परिवर्तन के प्रयास जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। इसी घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में विरोध और आक्रोश का माहौल बन गया।
हालांकि, मामले से जुड़े आरोपों और घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति का निर्धारण पुलिस जांच एवं कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
संतों ने समाज से एकजुट रहने की अपील की
महापंचायत को संबोधित करते हुए संतों ने हिंदू समाज से आपसी मतभेद भुलाकर संगठित रहने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक चुनौतियों का सामना करने के लिए जागरूकता, संगठन और सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
संत आनंद गिरि महाराज और संत नरेंद्र गिरि महाराज ने अपने संबोधन में समाज की सुरक्षा और धार्मिक मूल्यों के संरक्षण पर जोर दिया। इस दौरान कुछ वक्ताओं ने तीखे शब्दों में अपनी नाराजगी भी जाहिर की।
हिंदू जागरण मंच के प्रचारक मोहित सेंगर और प्रवक्ता नेपाल सिंह ने कहा कि इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेने और समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
स्थानीय नेताओं ने भी उठाई आवाज
महापंचायत में मौजूद स्थानीय हिंदूवादी नेता भेरू लाल टांक ने बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी को सामाजिक एकजुटता का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक नेतृत्व को भी ऐसे मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
खाचरोद की महापंचायत क्यों है चर्चा में?
खाचरोद में हुई इस सभा को स्थानीय स्तर पर सामने आए विवाद के बाद हिंदू संगठनों की बड़ी लामबंदी के रूप में देखा जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लोगों की भागीदारी ने इस आयोजन को व्यापक चर्चा का विषय बना दिया है।
अब इस मामले में पुलिस की जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
