How Tarot Cards Work: अक्सर लोग भविष्य की उलझनों को सुलझाने के लिए ज्योतिष का सहारा लेते हैं, लेकिन वर्तमान समय में ‘टैरो कार्ड’ मार्गदर्शन का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। 78 विशिष्ट चित्रों वाले इन कार्ड्स के पीछे का विज्ञान और आध्यात्म क्या है? इसे समझने के लिए नेशन मिरर की टीम ने टैरो कार्ड रीडर ईशाना तिवारी से खास बातचीत की।

टैरो कार्ड महज कागज के टुकड़े नहीं हैं, बल्कि यह व्यक्ति के अवचेतन मन (Subconscious Mind) और उसकी ऊर्जा के साथ संवाद करने का एक जरिया है। जब कोई व्यक्ति कार्ड चुनता है, तो उसकी वर्तमान ऊर्जा और मानसिक स्थिति उन चित्रों के माध्यम से प्रतिबिंबित होती है। यह एक तरह का ‘एनर्जी कनेक्शन’ है जो छिपी हुई भावनाओं और संभावनाओं को सतह पर लाता है।
78 कार्ड्स का रहस्य
टैरो डेक में कुल 78 कार्ड्स होते हैं, जिनमें से प्रत्येक का अपना एक विशिष्ट अर्थ और प्रतीकवाद होता है। ईशाना के मुताबिक, ये कार्ड्स भविष्य को पत्थर की लकीर नहीं बताते, बल्कि वर्तमान कर्मों और ऊर्जा के आधार पर संभावित परिणामों की चेतावनी या सुझाव देते हैं। यदि व्यक्ति अपनी ऊर्जा और दृष्टिकोण बदलता है, तो कार्ड्स द्वारा दिखाए गए परिणाम भी बदल सकते हैं।
टैरो कार्ड क्या है?
हमारी टीम से जब टैराकार्ड रीडर से सवाल किया गया कि- ‘टैरो कार्ड कैसे काम करता है?

ईशाना तिवारी ने बताया कि-
टैरो कार्ड भी एक तरह की पद्धति है कि हम कैसे प्रिडिक्शन करते हैं। ये समझिए कि एक राजा, उसकी प्रजा और उसकी सेना और उसकी रानियां है ना? और उन्हीं के गुरु। इस तरह से हम टैरोस को आसानी से समझ सकते हैं कि -टैरोस क्या है। अभी आप टैरोस के अंदर कार्ड्स होते हैं। कार्ड्स एनर्जी से डिफरेंट टाइप्स ऑफ़ एंजल्स है। आप जिस धर्म के हो अपने गुरुओं से जैसे भी आप उनको प्रे करके उनको चार्ज करते हो। चार्जिंग की प्रोसेस करने से पहले मेडिटेशन करे। प्रोसेस का एक तरीका होता, जब वो चार्च हो जाता है।
आगे बताया कि-
‘उसको चार्ज करने के बाद उनसे जो सवाल आप पूछते हैं। वैसे वो जबाव देता है। जो भी कार्ड्स निकलते हैं हम उसके हिसाब से प्रीडिक्शन देते हैं।
बेसिकली पिक्चर प्रिडिक्शन, कलर प्रिडिक्शन और एक टाइमलाइन प्रिडिक्शन टैरोस देता है। ‘

