Amit Jogi gets imprisonment: रायपुर में रामअवतार जग्गी हत्याकांड मामले में अमित जोगी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. इसको लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाईकोर्ट के इस फैसले को स्वागत योग्य बताया. और कहा कि अमित जोगी जग्गी हत्याकांड मामले के मुख्य आरोपी थे. देर आए दुरुस्त आए.

Amit Jogi gets imprisonment: क्या है मामला?
रामअवतार जग्गी हत्याकांड छत्तीसगढ़ का 1 बहुचर्चित मामला है, जो करीब 20 साल पुराना है. 4 जून 2003 को एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में पुलिस ने 31 लोगों को आरोपी बनाया था. और बाद में बोलटू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे.
बता दें कि अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को दोषी करार दिया गया था. अमित जोगी को बरी किए जाने के खिलाफ रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी. सुप्रीम कोर्ट ने मामले को पुनर्विचार के लिए वापस बिलासपुर हाईकोर्ट भेजा. बता दें कि इस केस में कई आरोपियों पर हत्या की साजिश और हत्या करने का आरोप था.
हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
अमित जोगी को हाईकोर्ट ने IPC की धारा हत्या और 120B के तहत दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है.इसको लेकर कोर्ट ने कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ सबूत एक जैसे हैं. ऐसे में किसी एक आरोपी को बरी करना और बाकी को सजा देना सही नहीं होगा.

