Bastar Love Goddess Temple: छत्तीसगढ़ के बस्तर में एक ऐसा मंदिर है, जहां देवी मां प्रेमियों को मिलाने का काम करती है। यह मंदिर‘मुकड़ी मावली माता का मंदिर’के नाम से प्रसिद्ध है। यहां दूर – दूर से प्रेमी अपनी प्रेमिका की तस्वीर लेकर यहां माता से उसके साथ जीवनभर जिंदगी बिताने का आशीर्वाद लेने आते हैं। यहां विराजमान देवी को लोग ‘प्रेम को मिलाने वाली देवी’ के रुप में भी पूजते हैं।
महिलाओं लड़कियों का जाना वर्जित
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर में विराजी देवी ‘प्रेम को मिलाने वाली देवी’ के रूप में पूजी जाती है। इस मंदिर में महिलाओं और लड़कियों का आना वर्जित है। यहां सिर्फ प्रेमी युवक ही मंदिर में प्रवेश कर सकते हैं।

क्या है यहां की मान्यता?
मान्यता है कि, इस मंदिर में प्रेमी अपनी प्रेमिका की तस्वीर यह प्रेमिका की को ई वस्तु और मन्नत का पत्र लेकर आते है। फिर माता के चरणों में चढ़ाकर बिछड़े प्रेमिका को मिलाने या जो है उसका साथ बने रहने की मन्नत मांगते हैं, उस मन्नत की चीज की सुरक्षा वहां के पुजारी करते है।
कहा जाता है कि, ऐसा करने से माता मुकड़ी मावली उनकी अधूरी प्रेम कहानी को पूरी करती हैं और बिछड़े प्रेमियों को मिलाने का आशीर्वाद देती हैं।
कहां है ये मंदिर?
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में छिंदनार से बारसूर जाने वाले मुख्य मार्ग से 100 मीटर अंदर यह मंदिर बना हुआ है। इस मंदिर में दूर – दूर से प्रेमी अपने प्रेमिका की तस्वीर और मन्नत का पत्र लेकर आते हैं। मंदिर परिसर में देवी के सामने कई तस्वीरें चढ़ाई गई हैं। यह तस्वीरें और चीजें इस बात की पुष्टि करती है कि यह मंदिर प्रेमियों के लिए है।

वहीं, अगर आप जगदलपुर से बारसूर के रास्ते जा रहे हैं तो पहले आप बारसूर जाएं। फिर मुचनार होते हुए छिंदनार सड़क पर पहुंचे। फिर बारसूर से करीब 9 किमी दूरी पर ये मंदिर मिल जाता है।
कई लोगों की मन्नतें हुई पूरी
अगर सच्चे दिल से प्रेम की कामना की जाए, तो आपका प्यार आपको जरुर मिलता है। कई प्रेमियों का दावा है कि, यहां माता के दरबार में मन्नत मांगने के बाद उन्हें उनकी प्रेमिका का साथ मिला गया और उनकी प्रेमिका आज भी साथ है।

मन्नत पूरी होने के बाद भी प्रेमी यहां दूसरी बार आते हैं और उनसे जो बन पड़ता है अपने स्तर पर चढ़ावा चढ़ाते हैं। यहां युवक अपनी प्रेमिकाओं की तस्वीर के अलावा सिंदूर, नारियल और अगरबत्ती भी चढ़ाते हैं।

