CM Dr. Mohan Yadav: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहडोल जिले के धनपुरी में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की, और नवनिर्मित वाटर पार्क का लोकार्पण करने के साथ क्षेत्र के विकास के लिए अनेक सौगातें दीं। इस दौरान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने SECL के विस्थापितों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए।

सच्चा वादा-पक्का काम ही राज्य सरकार की पहचान-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ‘सच्चा वादा-पक्का काम ही राज्य सरकार की पहचान है। और देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय भाई-बहनों के सर्वांगीण विकास में जुटी हुई है। जिसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माता शबरी जयंती की शुभकामनाएं दीं।
साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि निष्कपट भक्ति, समर्पण और साधना की सर्वोच्च प्रतीक शबरी मैया ने सारा जीवन रघुवर की प्रतीक्षा की। प्रेम में समर्पित इस प्रतीक्षा का फल केवल माता शबरी को ही नहीं मिला बल्कि स्वयं भगवान श्री राम को भी मिला। मनुष्य से मनुष्य का प्रेम ही सनातन संस्कृति की विशेषता है। भगवान श्रीराम और माता शबरी का प्रेम बताता है कि हमारे समाज में जातिवाद के लिए कोई स्थान नहीं है’।
CM Dr. Mohan Yadav: शहडोल में बनेगा गीता भवन
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने एक बड़ी घोषणा की उन्होंने कहा की शहडोल जिले के बुढ़ार में भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित ‘गीता भवन’ का निर्माण किया जाएगा। यहां कार्यक्रमों के आयोजन के लिए आधुनिक ऑडिटोरियम के साथ पुस्तकालय की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
शहडोल जिले के बुढ़ार में भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित ‘गीता भवन’ का निर्माण किया जाएगा। यहां कार्यक्रमों के आयोजन के लिए आधुनिक ऑडिटोरियम के साथ पुस्तकालय की सुविधा भी उपलब्ध होगी : CM@DrMohanYadav51 #CMMadhyaPradesh #Shahdol pic.twitter.com/uVDfiJiygz
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) February 8, 2026
प्रदेश में सिंचाई का रकबा 44 लाख हेक्टेयर हुआ
CM Dr. Mohan Yadav: कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेती को लाभप्रद बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से ही वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों को बिजली में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 30 लाख सोलर पम्प उपलब्ध कराए जाएंगे और दुग्ध उत्पादन, दलहन उत्पादन के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 44 लाख हेक्टेयर हुआ है। युवाओं को भी बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।

