अखिलेश्वर धाम हनुमान मंदिर इंदौर: चमत्कार, इतिहास और वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान
भारत में अनेक प्रकार की खूबसूरती हैं और पूरे विश्व में भारत एक हिन्दू प्रधान देश के नाम से जाना जाता हैं जो धार्मिक के नजरिए से जरूरी हैं इस धार्मिक नजरिए में एक मंदिर हैं जो की मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित है जिसका नाम अखिलेश्वर धाम हनुमान मंदिर हैं| ये मंदिर प्रभु हनुमान जी को समर्पित हैं|
अखिलेश्वर धाम का इतिहास और महत्व
इस मंदिर को इस जगह की भाषा में ओखला हैं ओखलेश्वर हनुमान मंदिर के नाम से जाना जाता हैं | ऐसे मान्यता हैं की इस मंदिर की कहानी रामायण के समय हुए श्री राम और रावण की बीच युद्ध से जुड़ी हैं.
ऐसा कहा जाता हैं की,,,
जब भगवान श्री राम – रावण से युद्ध करने जा रहे थे और वो इस युद्ध में विजय हो इसके लिए भगवान शिव की पूजा करनी थी इसीलिए उन्होंने हनुमान जी से शिवलिंग लाने को कहा था
जब हनुमान जी शिवलिंग को लेकर प्रभु श्री राम के पास जा रहे थे तब उन्होंने इस जगह एक यज्ञ होते हुए देख लिया जो की भगवान श्री राम के विजय को लेकर चल रहा था और इसी के दर्शन के लिए वो यहाँ थोड़ी देर रुक गए.

तभी से इस मंदिर का मंदिर हनुमान जी के प्रतिमा हैं जो की अपने दाहिने हाथ में शिवलिंग लिए हुए हैं इसलिए इस जगह का एक ऐतिहासिक महत्व है |
भगवान हनुमान जी की इस नक्षत्र में चढ़ता है चोला
अखिलेश्वर धाम हनुमान मंदिर को हर महीने के रोहिणी नक्षत्र में चोला चढ़ाया जाता है और इस दिन सैकड़ों की तादाद में आस पास के गाँव और शहरों से भक्तगण आते हैं और वह भंडारे का भी आयोजन करवाया जाता है |
अखिलेश्वर धाम हनुमान मंदिर इंदौर से लगभग 45 किलोमीटर दूर, चोरल क्षेत्र में जंगलों के बीच में है। हनुमान मंदिर तक पहुँचने के लिए घने जंगलों से भरा रास्ता तय करना पड़ता हैं | जो की आपकी इस यात्रा को और भी आनंदित बना देता हैं और वही प्रकृति के करीब ले जाता है।
“वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स” का स्थान
हनुमान मंदिर की खास बात…
यह है कि 1976 से लगातार बिना रुके अखंड रामायण का पाठ चल रहा है। यह पाठ 24 घंटे बिना किसी रोक टोक के जारी रहता है और मंदिर के इसी अनोखे चमत्कार को “वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स” में भी स्थान मिला है,
हाल ही में इस मंदिर में एक चमत्कार देखने को मिला था जिसका विडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा था जिसमे देखा जा सकता था की कैसे हनुमान जी अपनी आँखों की पलक को झपका रहे थे |
Read More:-नंदी रात में कही चले जाते थे – महेश्वर काशी विश्वनाथ मंदिर
Visit :- #Jashpur विश्व का सबसे बड़ा प्रकृतिक #शिवलिंग | गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड में दर्ज

