Rules for Wearing a Horseshoe Ring: घोड़े की नाल का विशेष महत्व है। इसका सीधा संबंध शनि ग्रह से माना जाता है, इसे पहनने से शनि का प्रभाव नही पड़ता। ऐसे में घोड़े की नाल की अंगूठी पहनन लाभदायक हो सकता है। लेकिन इसे पहनने से पहले दिन, विधि, नियम जान लें। आइए जानते हैं इस अंगूठी के पहनने के लाभ और नियम…
शास्त्रों के अनुसार, ग्रहों की स्थित का हमारे जीवन में प्रभाव पड़ता है, जिससे हमारे करियर और सफलता में रुकावटे आने लगती है, अगर किसी व्यक्ति की कुंडली का शनि ग्रह कमजोर है, तो उसे इस अंगूठी को जरुर धारण करना चाहिए।
इस दिन घोड़े की नाल की अगूंठी को करें धारण
शास्त्रों के अनुसार, घोड़े की नाल की अंगूठी का संबंध शनि ग्रह से माना जाता है, ऐसे में जीवन में शनि के प्रभाव से बचने की लिए इसे धारण कर सकते है। मान्यता है, इसे आप किसी भी शनिवार के दिन शुभ मूहुर्त देखकर पहन सकते हैं, लेकिन अगर शनि अमावस्या के दिन धारण करते है, तो यह और भी शुभ माना जाता है।

अंगूठी बनवाते समय फॉलो करें ये नियम
अगर आप घोड़े की नाल की अंगूठी बनवा रहें हैं तो ध्यान रहें की वो काले घोड़े की नाल हो। और अंगूठी नाल को अग्नि में तपाकर नहीं बल्कि ठोक ठाककर बनवानी चाहिए। घोड़े की नाल को आग में तपाने से उसकी शुद्धता खत्म होने लगती है, ऐसे में बिना आग के ही अंगूठी बनवाएं, इससे शनि की कृपा प्राप्त होती है।
अंगूठी पहनने की सही विधि
अगर आप चाहते है आप पर शनि देव की कृपा रहे, और शनि गृह का विपरीत प्रभाव आपके जीवन में न पड़े तो शनिवार के दिन या शनि अमावस्या के दिन सुबह स्नान करके घोड़े की नाल की अंगूठी को दूध, शहद, सरसों का तेल , तिल का तेल और गंगाजल से साफ करके शुद्ध कर ले फिर शनि मंत्र का 108 बार जाप करें। फिर उस अंगूठी को पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ धारण कर लें।
किस उंगली में पहनना शुभ
मान्यता के अनुसार, घोड़े की नाल की बनी अंगूठी को पहनने बस से कुछ नहीं होगा आपको इसे सही उंगली में धारण करना जरुरी है। तभी इसका लाभ प्राप्त होता है। इस अंगूठी को मध्यमा उंगली में धारण करना शुभ माना जाता है, कहते है, यह उंगली शनि की उंगली होती है।
इस अगूंठी को पहनने के लाभ
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, घोड़े की नाल की अंगूठी पहनने से शनि के विपरीत प्रभाव को कम करता है, इसे धारण करने से आपके जीवन में आ रही परेशानियां खत्म हो सकती है, करियर में आ रही रुकावटे खत्म हो जातीहै, इसको पहनने से जीवन में पॉजिटिविटी आती है। इससे जीवन में सुख- समृद्धि बनी रहती है।

Note – The information in this article is based on traditional beliefs and scriptures. It is meant only for general awareness. We do not claim authenticity of any personal faith or ritual.

