Kanker Bade Tevda Village Religious Clash: छत्तीसगढ़ के कांकेर में हालात खराब है। ग्राम पंचायत बड़े तेवड़ा में सरपंच रजमन सलाम के पिता चमरु राम के अंतिम संस्कार को लेकर धर्म और परंपरा आमने-सामने आ गई। और इस परंपरा ने गांव का माहौल हिंसक बना दिया।
ईसाई धर्म अपनाया
दरअसल, जिला अस्पताल में इलाज के दौरान सरपंच पाता की रविवार को मौत हो गई। मौत के बाद जब शव को गांव लाया गया, तब गांव में तनाव का माहौल बन गया। परिजनों ने बताया कि मृतक आदिवासी समाज से थे, किंतु उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया था।

शव दफनाने को लेकर बवाल
मृतक का शव दफनाने को लेकर आदिवासी और धर्मांतरित समुदाय के बीच हिंसक झड़प हुई। गुरुवार को आदिवासी समाज के लोगों ने ईसाइयों को डंडे मारकर भगाया। इसके जवाब में ईसाइयों ने आदिवासी समाज के लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
3 चर्च को किया आग के हवाले
गुस्साए आदिवासियों ने सरपंच के घर में तोड़फोड़ की। इसके बाद गांव के चर्च में आग लगा दी। आदिवासी इसके बाद भी नहीं रुके। 3 हजार से ज्यादा की भीड़ आमाबेड़ा पहुंच गई, और यहां भी एक चर्च को आग के हवाले कर दिया गया। आदिवासियों की भीड़ तीसरे चर्च को फूंकने आगे बढ़ रही थी, इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया। घटना में कई ग्रामीण, कुछ पत्रकार और ASP अंतागढ़ आशीष बंशोड़ भी घायल हुए हैं।

Kanker Bade Tevda Village Religious Clash: कब्र से निकाला शव
दरअसल, विवाद तब शुरू हुआ जब गांव के सरपंच रजमन सलाम के पिता चमरा राम की मौत के बाद उनका शव दफना दिया गया। सरपंच के परिवार ने धर्म परिवर्तन कर लिया था, जिससे ग्रामीण आक्रोशित थे।
पिछले 2 दिनों से ग्रामीण शव को कब्र से बाहर निकालने की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। गुरुवार को पुलिस और प्रशासन की टीम ने भारी सुरक्षा के बीच शव को बाहर निकाला। पुलिस ने पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया है।

छावनी में बहला गांव
Kanker Bade Tevda Village Religious Clash: स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अमला शव को लेकर गांव से रवाना हो चुका है। शव को रायपुर ले जाया जा रहा है। वहीं हिन्दू संगठनों ने आसपास के ग्रामीणों से अपील की है कि बिना अनुमति के धर्मांतरण से जुड़े किसी भी शव को अपने गांव में दफनाने न दें।
छत्तीसगढ़ के आमाबेड़ा, बड़े तेवड़ा, नरहरपुर, सुरही, दुधवा, चारामा, भानुप्रताप, कांकेर, कोंडागांव, धमतरी, सिहावा और नगरी क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है।
हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग-अलग इलाकों में रखा है और गांव को पूरी तरह सील कर दिया गया है। बाहरी लोगों की गांव में एंट्री बंद कर दी। देर शाम तक दोनों पक्ष अपने समर्थकों के साथ बैठक कर रहे थे, और पुलिस तथा प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।

