Major change in land guideline rate: सरकार ने जमीन गाइडलाइन दर में बड़ा बदलाव किया है.. इस मामले में सीएम विष्णुदेव साय ने कहा, लोकतंत्र में जनता सब कुछ होती है..
जनता की सुविधा के लिए सरकार नियम कानून बनाती है.. और हर नियम-कानून को बनाने के लिए सरकार बहुत मेहनत करती है, लेकिन कभी-कभी जनता के हित की बात की थोड़ी कसर रह जाती है.
Major change in land guideline rate: गाइडलाइन दर को लेकर समीक्षा चल रही
मुख्यमंत्री ने कहा की असली सरकार तो वही है, जो जनता के हित के लिए अपने निर्णयों को भी बदल दे.और निश्चित रूप से गाइडलाइन दर को लेकर समीक्षा चल रही है.
Major change in land guideline rate: केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड में लिए गए निर्णय
बता दें की बैठक में निर्णय लिया गया कि नगरीय क्षेत्रों में 1400 वर्ग मीटर तक के भूखंडों की इंक्रीमेंटल आधार पर गणना की वर्तमान प्रणाली को समाप्त कर दिया जाए.. इस बदलाव से मूल्यांकन प्रक्रिया सरल होने के साथ ही पारदर्शिता भी बढ़ेगी.
Major change in land guideline rate: बाजार मूल्य की गणना का प्रावधान हटा
बहुमंजिला भवनों में फ्लैट, दुकान एवं कार्यालय के अंतरण पर सुपर बिल्ट-अप एरिया के आधार पर बाजार मूल्य की गणना का प्रावधान भी हटा दिया गया है.
जहा नए प्रावधान से वर्टिकल डेवलपमेंट को गति मिलेगी और शहरी भूमि का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा.
जानकारी के अनुसार केंद्रीय बोर्ड ने बहुमंजिला भवनों और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के लिए मूल्यांकन में छूट के नए प्रावधान भी लागू किए हैं.
इस निर्णय से मध्यम वर्ग को किफायती दरों पर फ्लैट और व्यावसायिक स्थान मिलने में मदद मिलेगी.

कमर्शियल कॉम्प्लेक्सों में 20 मीटर से अधिक दूरी पर स्थित संपत्तियों के लिए 25 % कमी के साथ भूखंड की दरों का मूल्यांकन किया जाएगा।
जिससे वास्तविक स्थिति के आधार पर अधिक न्यायसंगत मूल्यांकन संभव होगा।
केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने जिला मूल्यांकन समितियों को यह भी निर्देशित किया है कि हाल ही में दरों में वृद्धि के बाद प्राप्त आपत्तियों, ज्ञापनों और सुझावों का परीक्षण कर 31 दिसंबर तक गाइडलाइन दरों में पुनरीक्षण के प्रस्ताव भेजें।
Major change in land guideline rate: इन सभी निर्णयों को तत्काल प्रभाव से लागू घोषित किया गया है, जिससे राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर में स्थिरता और प्रयासों को नई दिशा मिलेगी।

