Jagdalpur Naxal surrender: जगदलपुर में पुलिस के सामने आज 210 नक्सली आत्मसमर्पण करने पहुंचे। सरेंडर किए गए नक्सलियों ने 153 हथियार भी पुलिस को सौंपे। इनमें गुरुवार को बस्तर में सरेंडर करने वाले 140 और कांकेर में पहले आत्मसमर्पण कर चुके 60 से ज्यादा नक्सली शामिल हैं। विशेष रूप से, महिला नक्सलियों की संख्या पुरुषों से अधिक रही, जो इस बार के सरेंडर कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता रही।

नक्सलियों को पुनर्वास की गारंटी
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि सरेंडर करने वाले नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत मकान, जमीन और तीन साल तक आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनके माता-पिता और परिवार के सुख-शांति के लिए सभी नक्सलियों का मेडिकल ट्रीटमेंट भी सुनिश्चित किया जाएगा।
सरेंडर कार्यक्रम पुलिस लाइन परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें सभी नक्सलियों का स्वागत किया गया। मंच पर उपस्थित अधिकारियों ने उन्हें भारतीय संविधान की किताब और एक गुलाब भेंट कर सम्मानित किया।
आज का दिन केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए ऐतिहासिक है।
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) October 17, 2025
आज बस्तर में 210 नक्सली, जो कभी माओवाद के झूठ में उलझकर वर्षों तक अंधेरी राहों पर भटकते रहे, उन्होंने संविधान और हमारी नीतियों पर विश्वास जताते हुए विकास की मुख्यधारा को अपनाया है। आज उन्होंने अपने… pic.twitter.com/oGhfcG63GB
Jagdalpur Naxal surrender: कांग्रेस ने उठाए सवाल
इस आत्मसमर्पण के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने इसे सरकार का ‘समर्पण इवेंट’ बताया। बैज ने सवाल उठाया कि ये नक्सली कौन हैं, उनके नाम और पहचान क्या है, और इन पर कौन से आपराधिक मामले दर्ज हैं। साथ ही उन्होंने पूछा कि क्या नक्सलियों ने हथियारों के साथ सरेंडर किया या बिना हथियारों के।
इस पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस के आरोपों का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि नक्सल सरेंडर पर सवाल उठाना उतना ही गलत है जितना एयर स्ट्राइक या सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाना। उन्होंने स्पष्ट किया कि नक्सलियों का आत्मसमर्पण राज्य और देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त
Jagdalpur Naxal surrender: डिप्टी मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री ने नक्सलवाद समाप्त करने का स्पष्ट लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। डिप्टी सीएम ने सभी को आश्वस्त किया कि सरकार इस दिशा में पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और यह लक्ष्य समय पर पूरा कर लिया जाएगा।

