Lord Shiva: मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले में सतपुड़ा की पर्वत श्रृंखला के भीतर एक रहस्यमयी गुफा स्थित है, जहां भगवान शिव का एक प्राचीन शिवलिंग स्थापित है।
यह स्थान विशेष इसलिए माना जाता है क्योंकि यह दुनिया का एकमात्र शिवलिंग है जिस पर सिंदूर चढ़ाने की परंपरा है। मान्यता है कि इस शिवलिंग पर सिंदूर चढ़ाने से भोलेनाथ विशेष रूप से प्रसन्न होते हैं।
इसी परंपरा के चलते यह मंदिर ‘तिलक सिंदूर’ के नाम से भी जाना जाता है।

Lord Shiva: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, एक समय ऐसा आया जब भस्मासुर ने भगवान शिव के पीछे पड़कर उन्हें जीवन संकट में डाल दिया था। ऐसे में शिवजी ने बचने के लिए सतपुड़ा की पहाड़ियों में स्थित इस गुफा में शरण ली थी।
कई दिनों तक यहां छिपे रहने के बाद उन्होंने पचमढ़ी के जटाशंकर गुफा की ओर एक सुरंग के माध्यम से प्रस्थान किया,
जहां वे आगे तपस्या में लीन रहे। आज भी स्थानीय लोग मानते हैं कि यह सुरंग पचमढ़ी तक जाती है।

Lord Shiva: यह स्थान न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसके भौगोलिक और पौराणिक स्वरूप भी इसे विशिष्ट बनाते हैं। यहाँ की जलहरी चतुष्कोणीय है, जो कि सामान्य शिवालयों में पाई जाने वाली त्रिकोणीय जलहरियों से बिल्कुल भिन्न है।
इतना ही नहीं, इस शिवलिंग का जल पश्चिम दिशा की ओर प्रवाहित होता है,
जबकि अधिकांश शिवालयों में जल की धारा उत्तर की ओर बहती है। यह विशेषता इसे ओंकारेश्वर के समकालीन शिवधामों में शामिल करती है।
इस गुफा में स्थित शिवलिंग को लेकर यह भी कहा जाता है कि…

Lord Shiva: यह प्राचीन काल में आदिवासी राजाओं और योद्धाओं का पूजन स्थल भी रहा है।
उनके द्वारा यहाँ विशेष अनुष्ठान किए जाते थे।
ब्रह्मलीन संत तपस्वी कलिकानंद जी ने भी इस स्थान की महिमा का उल्लेख किया था और इसे आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत पवित्र बताया।
यह अलौकिक स्थल इटारसी से लगभग 18 किलोमीटर दूर ग्राम जमानी में स्थित है और ‘खटामा मंदिर’ के नाम से भी विख्यात है। सतपुड़ा के घने जंगलों से घिरा यह क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता से भी भरपूर है।
यहां बहने वाली हंसगंगा नदी इस स्थल की पवित्रता को और अधिक बढ़ा देती है।
हर वर्ष यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और सिंदूर चढ़ाकर भोलेनाथ से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

