evrani Jethani Temple Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ की धरती अपनी समृद्ध संस्कृति और विरासत के लिए जानी जाती है। यहां अनेक मंदिर और ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं, जो न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र हैं, बल्कि स्थापत्य कला और इतिहास के अद्भुत उदाहरण भी हैं। इन्हीं में से एक है श्री देवरानी – जेठानी मंदिर, जो बिलासपुर – रायपुर राजमार्ग पर मनियारी नदी के तट पर स्थित है।
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निर्माण और ऐतिहासिक महत्व…
यह मंदिर 5वीं या शताब्दी का बताया जा रहा है, इसे सरभपुरीय राजवंश के काल का माना जाता है। इतिहासकारों का मानना है कि यहां दो मंदिर बनाए गए थे- एक जेठानी के लिए और दूसरा देवरानी के लिए। हालांकि समय के समय के साथ ये मंदिर खंडहर में बदल गए। फिर भी इनके अवशेष स्थापत्य कौशल और मूर्तिकला की झलक दिखाते हैं।

अनोखी मूर्तियां और रहस्य…
मंदिर परिसर में कई प्राचीन मूर्तियां पाई जाती हैं, जिनमें सबसे प्रसिद्ध भागवान शिव की विशाल प्रतिमा है, जिसे ‘रुद्र शिव’ भी कहा जाता है। यह प्रतिमा 7 फिट ऊंची और 4 फिट चौड़ी हैं, यह अपने अद्भुत स्वरुप के लिए जानी जाती है, क्योंकि इसमें मानव, पशु और पक्षियों के अंगों का अनोखा संयोजन देखने को मिलता है। पुरातत्वविदों का मानना है कि यह मूर्ति भारत की मूर्तिकला का अनूठा और दुर्लभ उदाहरण है।

स्थापत्य कला और शिल्पकला…
मंदिर के खंडहरों में पत्थरों पर की गई नक्काशी, देवी – देवताओं की मूर्तियां और अद्भुत कलाकृतियां दिखाई देती हैं। यहां के शिल्प में इतनी बारीकी है कि वह आज भी शोधकर्ताओं और इतिहास प्रेमियों को आकर्षित करता है। माना जाता है कि इन मूर्तियों को स्थानीय करीगरों ने तैयार किया था और इनमें तत्कालीन समाज और संस्कृति की झलक मिलती है।

पर्यटन और महत्व…
आज यह मंदिर एक पुरातात्विक स्थल के रुप में पर्यटकों और शोधकर्ताओं के बीच लोकप्रिय है, यहां आने वाले लोग शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद उठाते हैं। साथ ही, यह जगह उन लोगों के उन लोगों के लिए भी खास है जो भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को गहराई से जानना चाहते हैं।

