Kaal Bhairav Temple MP: भारत में काल भैरव बाबा की सबसे अनोखी प्रतिमा मध्य प्रदेश के रीवा जिले में विराजमान है। प्रतिमा अपने आप में बहुत अद्भुत और अनोखी है। इस मंदिर में भैरव बाबा विश्रामावस्था में विराजमान है।
दरअसल, काल भैरव बाबा की प्रतिमा ज्यादातर माता रानी के मंदिर के बाहर रक्षक के रुप में विराजमान होती है। लेकिन रीवा में ऐसा मंदिर है, जहां भगवान मंदिर के अंदर लेटे हुए हैं। उनके चेहरे पर एक मुस्कान भी है।
10वीं-11वीं शताब्दी के दौरान की प्रतिमा
यह मंदिर रीवा जिले के गुढ़ ब्लॉक में स्थित खामडीह गांव का में स्थित है। यहां विराजमान भैरव बाबा मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि रहस्यों का भंडार भी है। भक्त बताते हैं, इस मंदिर में विराजमान प्रतिमा करीब 10वीं-11वीं शताब्दी के बीच की है, इस प्रतिमा को आज तक कोई हिला तक नही पाया।

मान्यताओं के अनुसार, काल भैरव भगवान शिव का रक्षक रूप हैं, जो भय से मुक्ति और बुरी शक्तियों से रक्षा करते हैं।
प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने पर जुर्माना और जेल
इतिहासकार असद खान के अनुसार, ‘यह प्रतिमा विंध्य क्षेत्र में पाई जाने वाली अन्य मूर्तियों से अलग है. जहां भैरव बाबा सामान्यतः रौद्र रूप में पूजे जाते हैं, वहीं यहां उनकी प्रतिमा एक शांत और हंसमुख रूप में है, जो पूरे भारत में दुर्लभ है। सबसे बड़ी बात, यह मूर्ति जिस पत्थर से बनी है, वह पत्थर इस पूरे क्षेत्र में कहीं भी नहीं मिलता, जो इसे और भी रहस्यमयी बना देता है।’

8.50 मीटर लंबी प्रतिमा विराजमान
यह प्रतिम करीब 8.50 मीटर लंबी औख 3.70 मीटर चौड़ी है। उनके दाएं हाथ में रुद्राक्ष माला, ऊपरी हाथ में सर्प, निचले हाथ में कलश और कमर पर सिंह मुख है। उनके गले में रुद्राक्ष की माला भी है। प्रतिमा बेहद विशाल है। जो की विश्रामावस्था में विराजमान है।
बता दे कि, साल 1964 के मध्य प्रदेश पुरातत्व अधिनियम के तहत यह प्रतिमा राज्य संरक्षित स्मारक घोषित कर दी गई थी, जो भी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा उससे आर्थिक जुर्माना और 3 साल जेल का प्रावधा है।
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