Ujjain News: उज्जैन जिले के डाबरी गांव में दिवाली उत्सव का एक अनोखा स्वरूप देखने को मिलता है। जब पूरे देश में लोग लक्ष्मी पूजा और दीपों की रौशनी से घर सजाते हैं, तब इस गांव के गुर्जर समुदाय के लोग पूरी श्रद्धा के साथ अपने पूर्वजों का श्राद्ध करते हैं। उनके अनुसार यह परंपरा वर्षों पुरानी है और इसे उनके पूर्वजों ने कुछ विशेष कारणों से स्थापित किया था।
Ujjain News: कुछ विशेष कारणों से स्थापित किया
डाबरी गांव के लोग मानते हैं कि खुशहाली और समृद्धि का असली आशीर्वाद देवी लक्ष्मी से नहीं, बल्कि अपने पुरखों के आशीर्वाद से मिलता है। इसलिए दिवाली पर वे देवी लक्ष्मी की पूजा करने के बजाय अपने पूर्वजों को याद करते हैं, उनके नाम का श्राद्ध करते हैं और भोजन अर्पित करते हैं।
आस्था का महत्वपूर्ण नियम माना गया

इस दौरान पूरे गांव में एक पवित्र माहौल रहता है। गुर्जर परिवार तीन दिन तक अपने घरों में सादा भोजन करते हैं, नए कपड़े या मिठाइयां नहीं लेते, और किसी प्रकार का उत्सव या आतिशबाज़ी नहीं करते। सबसे खास बात यह है कि इन तीन दिनों तक कोई भी ग्रामीण गांव की सीमा से बाहर नहीं जाता। इसे परंपरा और आस्था का महत्वपूर्ण नियम माना गया है।
बुजुर्गों के बलिदान और त्याग को याद रख सकें

गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि इस प्रथा के पीछे एक ऐतिहासिक कारण है। कहा जाता है कि उनके पूर्वजों के समय किसी अप्रिय घटना ने दिवाली के दिन पूरे समुदाय को गहरे दुख में डाल दिया था। तभी से लोगों ने तय किया कि वे इस दिन को आनंदोत्सव के बजाय स्मरण दिवस के रूप में मनाएंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने बुजुर्गों के बलिदान और त्याग को याद रख सकें।
एक और परंपरा ध्यान खींचती
Ujjain News: इन दिनों एक और परंपरा ध्यान खींचती है… गांव में दूध मुफ्त में बांटा जाता है। ग्रामीण मानते हैं कि दिवाली के इन तीन दिनों में दूध किसी को बेचना अशुभ होता है। इसलिए हर परिवार अपने पास उपलब्ध दूध जरूरतमंदों और बच्चों में बांट देता है। यह सामाजिक एकता और परस्पर सहयोग की मिसाल बन गई है।
एक सांस्कृतिक विशिष्टता प्रदान की

डाबरी गांव का यह अनूठा तरीका भले ही पारंपरिक दिवाली से अलग हो, लेकिन यहां की आस्था और पूर्वजों के प्रति सम्मान इसे एक विशेष पहचान देता है। यह परंपरा आज भी उतनी ही श्रद्धा से निभाई जाती है जितनी दशकों पहले की जाती थी, और इसने पूरे मध्य प्रदेश में इस गांव को एक सांस्कृतिक विशिष्टता प्रदान की है।

