Shree Badwale Mahadev Temple: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के कायस्थपुरा क्षेत्र में स्थित श्री बड़वाले महादेव मंदिर (Shree Badwale Mahadev Temple) शहर के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है। माना जाता है कि यह मंदिर लगभग 400 वर्ष पुराना है और यहां भगवान शिव का शिवलिंग बड़ (वट) के पेड़ की जड़ों में स्वयं प्रकट हुआ था।
Read More: Ashta Mata Mandir Seoni: मुर्गे की बांग से अधूरा रह गया था मंदिर का निर्माण!
इसी कारण इसे बाबा बटेश्वर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है।
सावन में उमड़ती है भक्तों की भीड़…
श्रावण माह में इस मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है। भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां आते हैं और नंदी बाबा के कान में अपनी इच्छाएं फुसफुसाते हैं।

कहते हैं कि जो भी सच्चे मन से नंदी बाबा के कान में अपनी बात कहता है, उसकी इच्छा अवश्य पूरी होती है। सावन के सोमवार को यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, वहीं विदेशों में रह रहे भक्त भी ऑनलाइन पूजा-अर्चना के माध्यम से भगवान शिव के दर्शन करते हैं।
कैसे प्रकट हुए शिवलिंग…
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, करीब 400 साल पहले यह स्थान घने जंगलों से घिरा हुआ था। एक दिन एक साधु वटवृक्ष के नीचे विश्राम कर रहे थे, तभी करवट बदलते समय उनका सिर किसी ठोस वस्तु से टकराया। जब मिट्टी हटाई गई तो वहां शिवलिंग प्रकट हुए।
साधु ने यह चमत्कारी घटना भक्तों को बताई और फिर वहां विधिवत शिवलिंग की स्थापना की गई। तब से लेकर आज तक यहां नियमित पूजा-अर्चना की परंपरा निभाई जा रही है।

“शक्ति बड़” की अनोखी मान्यता…
मंदिर के संयोजक ने बताया कि यह बड़ का पेड़ साधारण नहीं है, इसे “शक्ति बड़” कहा जाता है। यह ऐसा पहला शक्ति बड़ है जिसमें शिवलिंग स्थापित हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस पेड़ में कभी जटाएं नहीं उगतीं, जो इसे अन्य वटवृक्षों से अलग बनाती है।
भक्तों का विश्वास है कि यहां जो भी सच्चे मन से मांगता है, उसकी मनोकामना भगवान महादेव अवश्य पूरी करते हैं।
विदेशों तक फैली श्रद्धा….
मंदिर के संयोजक के अनुसार, बड़वाले महादेव के भक्त सिर्फ भोपाल या मध्य प्रदेश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी बड़ी संख्या में हैं।
कई प्रवासी भारतीय और भक्त ऑनलाइन माध्यम से पूजा करते हैं और मंदिर से जुड़े रहते हैं।

जल्द बनेगा भव्य मंदिर परिसर…
मंदिर को अब और भव्य रूप देने की योजना बनाई जा रही है। संयोजक ने बताया कि यहां भगवान शिव के साथ रहने वाले गणों और देवताओं की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी, साथ ही रामायण के सेतु निर्माण प्रसंग की कलात्मक चित्रकारी भी कराई जाएगी। इससे मंदिर परिसर को एक आध्यात्मिक और ऐतिहासिक आयाम मिलेगा।
भोपाल का आध्यात्मिक केंद्र…
श्री बड़वाले महादेव मंदिर न केवल भोपाल का धार्मिक स्थल है, बल्कि यह भक्तों की आस्था, विश्वास और चमत्कार का प्रतीक भी है।
यहां की शांति, आध्यात्मिकता और अद्भुत प्राकृतिक आभा हर आगंतुक को भक्ति के भाव से भर देती है।

