Parvati Temple: भोजपुर में बेतवा नदी के किनारे स्थित यह प्राकृतिक गुफा मंदिर अपने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। यह गुफा पानी के कटाव से बनी है और इसके मुख में माता पार्वती की मूर्ति स्थापित की गई है।
माता पार्वती की मूर्ति स्थापित

कुल छह गुफाएं हैं, जिनमें से वर्तमान स्वरूप का नव निर्माण पिछले 50 वर्षों में किया गया है। माता पार्वती से संतान प्राप्ति की कामना के लिए नवरात्रों में बड़ी संख्या में दंपत्ति यहां दर्शन करने आते हैं।
बड़ी संख्या में दंपत्ति यहां दर्शन करने आते

शिव मंदिर दर्शन करने वाले भक्त भी गुफा मंदिर में माता पार्वती के दर्शन अवश्य करते हैं, क्योंकि कहा जाता है कि माता के दर्शन के बिना शिव दर्शन अधूरा है।
माता के दर्शन के बिना शिव दर्शन अधूरा
Parvati Temple: गुफा मंदिर प्राकृतिक रूप से पत्थर की चट्टानों में पानी के कटाव से बनी है। महंत बाबू भारती के अनुसार, यह मंदिर 1965 में डैम खाली होने के बाद अस्तित्व में आया। इसके पूर्व यह क्षेत्र वीरान था।
इसके पूर्व यह क्षेत्र वीरान

पहले भक्त शिव मंदिर से पत्थरों के रास्ते या पुल के माध्यम से गुफा तक पहुंचते थे। प्राकृतिक सुंदरता के कारण यह स्थान पिकनिक और नदी में नहाने के लिए भी लोकप्रिय था।
नदी में नहाने के लिए भी लोकप्रिय
गुफा में माता पार्वती की प्राचीन प्रतिमा के साथ शिवलिंग, श्री गणेश और कार्तिकेय की प्रतिमाएं भी हैं। यह स्थान मूलतः तपस्थली है और ध्यान के लिए अत्यंत उपयुक्त माना जाता है।
तप का लाभ कई गुना मिलता है

भक्तों के अनुसार यहां किए गए ध्यान से तुरंत एकाग्रता आती है और तप का लाभ कई गुना मिलता है।
सुखी वैवाहिक जीवन की कामना लेकर दर्शन करते
आज यह स्थल पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित है और पर्यटन विकास के तहत इसे सुरक्षित और सुगम बनाया गया है। श्रद्धालु शांति की कामना के लिए यहां बैठकर कुछ समय बिताते हैं, जबकि नवयुगल माता पार्वती से सुखी वैवाहिक जीवन की कामना लेकर दर्शन करते हैं।
गुफा मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह प्राकृतिक सौंदर्य और ध्यान के लिए भी आदर्श स्थल है।

