Pashupatinath Mandir MP: मध्यप्रदेश के एक शहर में पशुपति नाथ का प्रसिद्ध मंदिर है, जो भारत का एकमात्र अष्टमुखी मंदिर है। जो अपनी अनोखी और विशालकाय प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर में भगवान भोलेनाथ अलग – अलग आठ शिलाखंड उकेरी गई है। यह मंदिर शिवना नदी के किनारे स्थित है, जहा इस अष्टमुख वाली प्रतिमा में हर मुख में अलग – अलग भाव में नजर आते हैं। यह प्रतिमा लगभग 65 साल पहले यहां स्थापित की गई।
क्या है खास?
यह विश्व की एकमात्र पशुपतिनाथ प्रतिमा है जो अष्टमुखी है। बताया जाता है, यह प्रतिमा पांचवी सदी में निर्मित हुई थी। इसे बहुत पहले शिवना नदी में छुपा दिया गया था, जिसके बाद साल 1940 में प्रतिमा को नदी से बाहर लाया गया।

इस प्रतिमा को 21 साल तक नदी के तट के किनारे स्थापित किया गया। उनको खेत में रखी गई थी। और उस प्रतिमा की सेव पूर्व विधायक बाबू सुदर्शनलाल अग्रवाल ने की। इस प्रतिमा का नामकर शिव के अष्ट तत्वो पर रखा गया। इसमें शर्व, भव, रुद्र, उग्र, भीम, पशुपति, ईशान और महादेव के रुप में पूजा की जाती है।
अष्टमुखी प्रतिमा का विशेष महत्व
आठ मुखों वाली प्रतिमा में आठो मुख जीवन की चार अवस्थाओं को दर्शात है। पूर्व का मुख बाल्यावस्था और दक्षिण का मुख्य किशोरावस्था, पश्चिम का मुख युवावस्ता और उत्तर का मुख प्रौढ़ावस्था को दर्शता है।
कैसे हुई प्रतिमा की स्थापना
एक कथा के अनुसार, यह मूर्ति एक धोबी को मिली थी वो जहां कपडे़ धोता था, वहां यह प्रतिमा मिली। पहले भगवान शिव ने सपने में दर्शन दिए फिर यह यह प्रतिमा मिली।

बता दें कि, इस प्रतिमा को 1961 में पूरे विधि – विधान के साथ गर्भगृह में स्थापित किया गया। 20 नवंबर को 65 वां प्रतिष्ठा महोत्सव भी मनाया गया था।
महाशिवरात्रि और श्रावण मास पर लगती है भीड़
यह मंदिर शिव भक्तों के लिए बहुत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है, यहां सोमवार के दिन विशेष रुप से भगवान के दर्शन करने आते है। महाशिवरात्रि और श्रावण मास के समय तो भक्तो की भीड़ उमड़ती है।

