आज प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में उसी बस्तर ने करवट ली है.बता दें की छत्तीसगढ़ का बस्तर क्षेत्र कभी नक्सल हिंसा, डर, अविश्वास और विकास से दूर रहने के लिए जाना जाता था..
लेकिन अब बस्तर में सड़के है पानी है लोगों के घर है..

New picture of Bastar: और लोग सुरक्षित है..
सुकमा जिले का बड़ेसट्टी गांव बस्तर संभाग की पहली नक्सल-मुक्त ग्राम पंचायत घोषित होना इस बदलाव का ऐतिहासिक प्रमाण है.यह सफलता सुरक्षाबलों के साहस, स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग के साथ हो पाया है…
साय सरकार की कोशिशें पा रही सफलता
राज्य सरकार के अनुसार पहले जहां छत्तीसगढ़ में 6 जिले गंभीर रूप से नक्सल प्रभावित रहे, वहीं अब यह संख्या घटकर केवल तीन – बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर रह गई है.
यह लक्ष्य अब दूर नहीं है

New picture of Bastar: मुख्यमंत्री श्विष्णुदेव साय कहा है कि सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक पूरे छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बनाना है, और यह लक्ष्य अब दूर नहीं है..
हिंसा का रास्ता केवल विनाश की ओर ले जाता है
साय सरकार के पहल पर 258 नक्सलियों का आत्मसमर्पण इस बात का संकेत है कि.. अब नक्सली भी यह समझने लगे हैं कि हिंसा का रास्ता केवल विनाश की ओर ले जाता है…

