Bhog For Navrati: Chaitra नवरात्रि का पावन पर्व जल्ग शुरू होने वाला है। इस दौरान भक्त पूरे 9 दिनों तक व्रत रखकर और पूरी श्रद्धा के साथ मां दुर्गा और उनके अलग-अलग स्वरुपों की पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि अगर इन दिनों माता रानी को उनकी प्रिय चीजों का भोग लगाया जाए तो वे जल्दी प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों पर कृपा बरसाती हैं।
ऐसे में आप माता रानी को प्रसाद के रूप में Rabri, Rajgira Halwa और Makhana Kheer का भोग लगा सकते हैं। कहा जाता है कि ये व्यंजन माता रानी के प्रिय भोगों में गिने जाते हैं और व्रत के दौरान भी इन्हें खास तौर पर बनाया जाता है।
मखाने की खीर सामग्री
मखाने का खीर माता का पसंदीदा भोग माना जाता है। इसे बनाना भी बहुत आसान होता है। इसे बनाने के लिए मखाना, दूध, काजू-बादाम, पिस्ता लें।

जानिए कैसे बनाएं
पहले थोड़ा मखाने को हल्का भून ले। फिर उसे निकालकर रख ले। बिना भूने भी बना सकते हैं। कढ़ाई में दूध उबालें और उसमें मखाने व ड्राई फ्रूट्स डालें। धीमी आंच पर पकाएं जब तक खीर गाढ़ी न हो जाए। अंत में शक्कर डालकर ठंडा करें और माता रानी को खीर का भोग लगाएं। फिर यह स्वादिष्ट प्रसाद भक्तों में बांटे।
रबड़ी
यह भोग मातारानी को पसंदीदा भोग में से एक भोग लगता है। आप रबड़ी बनाने के लिए दूध, चीनी, फ्रेश क्रीम और केसर पॉउडर लें। फ्लेवर के लिए आप इसमें कटे हुए पिस्ते और बादाम डाल सकते हैं।

जानिए कैसे बनाएं
एक कड़ाई में दूध लें और उसे उबालें उसमें फ्रेश क्रीम और केशर डाले और दूध को तब तक उबाले जब तक वो गाढ़ा न हो जाए। फ्लेवर के लिए उसमें कटे हुए पिस्ते और बादाम डालें। फिर स्वाद अनुसार शक्कर डालकर थोड़ी देर तक पकाएं। ठंडा होने के बाद काजू, बदाम, पिस्ते से गार्निशिंग करें। फिर माता को इसका भोग लगाएं और सबको प्रसाद बांटे।
राजगिरा हलवा सामग्री
राजगिरा या सिंघाड़े का आटा माता रानी को बहुत प्रिय होता है। इसे बनाने के लिए आधा कटोरी राजगिरा या सिंघाड़े का आटा, आधा कटोरी चीनी या गुड़ ,1 कटोरी पानी, घी समाग्री लें।

जानिए कैसे बनाएं
पहले कढ़ाई में घी डालकर सिंघाड़े के आटे को भून लें फिर उसे थोड़ा ठंडा करें। उसके बाद कढ़ाई में सिघाडें के आटे में धीरे- धीरे गर्म पानी डालते हुए चलाएं जिससे गुठलियां न बने। फिर आधा कटोरी चीनी या गुड़ डाले फिर उसे गाढ़ा होने तक पकाएं। जब पक जाए थाली में निकालकर फैला लें। गर्म रहे तभी ऊपर से काजू और बदाम डाले। फिर ठंडा करे और पीस कटाना चाहें तो काटे नहीं ऐसे ही माता को भोग लगा सकते हैं।

