Monsoon-tourist-places-madhya-pradesh:अगर आप भी है घूमने के शौकीन और उठाना चाहते है मानसून का मजा। तो मध्यप्रदेश आपके लिए बन सकता है बेहतरीन विकल्प, क्योंकि मानसून के सीजन में पूरे प्रदेश पर हरियाली छा जाती है । यहां के जंगल, नदियां, पहाड़, तालाब, झरने, सब पर प्रकृति की खुमारी छा जाती है जो यहां के आने वाले पर्यटकों को अपनी ओर लुभाती है। इसलिए हम आपको बताते है मध्यप्रदेश की ऐसी पांच जगह जो बना देंगी आपका ये मानसून यादगार।
मध्यप्रदेश के प्रमुख मानसून अनुकूल पर्यटन स्थल
1.अमरकंटक
अमरकंटक एक प्रसिद्ध हिंदू तीर्थस्थल है जिसे “तीर्थराज” – “तीर्थों का राजा” के नाम से जाना जाता है। आध्यात्मिक महत्व के अलावा, यह शहर अपनी भौगोलिक और प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी जाना जाता है। यह विंध्य और सतपुड़ा पर्वतमालाओं का मिलन बिंदु है, यहीं दोनों पर्वतमालाएं मिलती है। जिनमें मैकाल पर्वतमाला प्रमुख है। अमरकंटक के आसपास के जंगलों में औषधीय गुणों से भरपूर पौधों की एक समृद्ध विविधता है, जो इसे पारिस्थितिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है।


2. पचमढ़ी
भोपाल से लगभग 200 किलोमीटर की दूरी पर होशंगाबाद जिले में स्थित है। यह मध्यप्रदेश के सबसे खूबसूरत और ऊंचे प्राकृतिक स्थलों में से एक है। पचमढ़ी सबसे अधिक सैलानियों वाला टूरिस्ट हिल्स स्टेशन है यह मध्यप्रदेश की विंध्याचल व सतपुड़ा की श्रेणियों की पहाड़ियों में बसा है मानसून के सीजन में यहां के प्रकृति की एक अलग ही छटा छा जाती है। पचमढ़ी को सतपुड़ा की रानी के नाम से जाना जाता है। माना जाता है पांचों पांडवों ने अपने वनवास के दौरान यहां पर समय व्यतीत किया था.


यह क्षेत्र वनस्पतियों को और जीवों के संरक्षण के लिए यूनेस्को द्वारा बायोस्फीयर रिजर्व घोषित किया जा चुका है ।
पचमढ़ी में टॉप टूरिस्ट स्पॉट
- बी फॉल्स – सुंदर झरना और प्रकृति दृश्य।
- जटा शंकर गुफा – धार्मिक स्थल, शिव से जुड़ी गुफा।
- पांडव गुफाएं – पौराणिक इतिहास, शांत वातावरण
- धूपगढ़ – सूर्यास्त के लिए सर्वोत्तम स्थान।
- प्रियदर्शिनी प्वाइंट – सुंदर घाटी दृश्य, फोटोग्राफी हेतु।
- रेजिन टॉप – ऊँचाई से मनोरम नज़ारा मिलता है।
- गुप्त महादेव गुफा – संकरी गुफा, धार्मिक महत्व।
- चौरागढ़ – शिव मंदिर, कठिन ट्रेकिंग स्थल।
- हैंडी खोह – गहरी घाटी, हरियाली से भरपूर।
- सिल्वर फॉल्स – बारिश में सुंदर जलप्रपात दृश्य।
3. मांडू
मांडू मालवा क्षेत्र का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है यह मध्यप्रदेश के इंदौर शहर से महज 90 किलोमीटर दूर धार जिले मे स्थित है । मंडू अपने ऐतिहासिक इमारतों प्राचीन महलों और समृद्ध स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है। यह जगह बाज़ बहादुर और रानी रूपवती की प्रेम कहानी के लिए प्रसिध्द है। मांडू विंध्याचल की पहाड़ियों पर स्थित है जिनके चारो तरफ हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता से भारपूर है। मानसून के सीजन मे अकसर यहां पर बादल महलों के ऊपर आ जाते है जो कि किसी देवलोक सी अनूभूती प्रदान करता है ।


कहां कहां घूमें मांडू में
- जहाज़ महल – पानी के बीच बना सुंदर महल।
- हिंदोला महल – झूले जैसा दिखने वाला ऐतिहासिक भवन।
- रानी रूपमती महल – शानदार नज़ारे वाला किला।
- बाज़ बहादुर महल – संगीत प्रेमी सुल्तान का महल।
- रेवा कुंड – पवित्र जलाशय।
4. खजुराहो
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित खजुराहो एक विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जो भोपाल से लगभग 380 किमी की दूरी पर स्थित है। जो अपने प्राचीन मंदिरों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। यह जगह मुख्य रूप से हिंदू और जैन मंदिरों के एक अद्भुत समूह के रूप में प्रसिद्ध है, जिनका निर्माण चंदेल वंश के राजाओं ने 950 ईस्वी से 1050 ईस्वी के बीच कराया था। इन मंदिरों की दीवारों पर की गई बारीक नक्काशी और कारीगरी भारतीय स्थापत्य कला की श्रेष्ठता को दर्शाती है।
वर्ष 1986 में यूनेस्को ने इन मंदिरों को विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी, जिससे इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता और भी बढ़ गई।


विंध्य पर्वत श्रृंखला की गोद में बसा खजुराहो मानसून के समय और भी खूबसूरत हो जाता है। चारों ओर हरियाली और ताजगी छा जाती है। प्रकृति प्रेमियों के लिए, खजुराहो से लगभग 22 किलोमीटर दूर स्थित रानेह फॉल्स एक बेहतरीन प्राकृतिक स्थल है, जहाँ मानसून में जलप्रपात की छटा देखने लायक होती है।
4.ओरछा
मध्यप्रदेश में बेतवा नदी के किनारे स्थित ओरछा कभी शक्तिशाली बुंदेला राजपूतों की राजधानी था। आज यह ऐतिहासिक नगर अपनी भव्य धरोहरों, शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहाँ के मंदिर, महल और स्मारक उस गौरवशाली अतीत की गवाही देते हैं, जिसे समय भी मिटा नहीं सका।


ओरछा के प्रमुख आकर्षक स्थल
जहां के प्रसिद्ध स्थलों में जहांगीर महल, राजा महल, राम राजा मंदिर, चतुर्भुज मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर, परवीन महल, हनुमान मंदिर, और शीश महल शामिल हैं। साथ ही, कंचन घाट पर स्थित सुंदर छतरियाँ भी देखने लायक हैं, जो बुंदेला राजाओं की स्मृति को अमर बनाती हैं।
मानसून में होता है ओरछा की अलग खूबसूरती का एहसास
मानसून के दौरान ओरछा की सुंदरता अपने चरम पर होती है। हरियाली से ढकी वादियाँ, बारिश में भीगे किले और मंदिर, और नदी की कलकल करती ध्वनि इस स्थान को और भी रमणीय बना देती है। यदि मौसम अनुकूल हो, तो आप बेतवा नदी में राफ्टिंग का रोमांचक अनुभव भी ले सकते हैं। मानसून में ओरछा एक यादगार यात्रा का वादा करता है।
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