Mahashivratri 2026 Date: हिंदू धर्म में हर महिने कोई न कोई धार्मिक पर्व होता है। ऐसे में अब फरवरी का महिना शुरु हो गया है। और इस महिने सनातन धर्म में मनाया जाने वाला सबसे विशेष त्योहार आने वाला है। वह त्योहार भगवान भोलेनाथ से जुड़ा हुआ है। वह धार्मिक पर्व महाशिवरात्रि है। इस दिन पूरा देश महादेव की भक्ति में लीन रहते हैं।
कब है महा शिवरात्रि?
हिंदू धर्म में शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। साल 2026 में महाशिवरात्रि का त्योहार 15 फरवरी को देशभर में मनाया जाएगा।
पंचांग के मुताबिक, फाल्गुन मास के कृष्णपक्ष की चतुर्दशी तिथि पर महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है, इस साल महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 की शाम को 05:04 बजे से शुरु होगा। वहीं 16 फरवरी 2026 को 05:34 बजे समाप्त हो जाएगी। इस साल महाशिवरात्रि का पावन पर्व 15 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा।

मंदिरों में भक्तों की उमड़ती है भीड़
महाशिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित एक ऐसा दिन जब डामरुओं की नाद और हर हर महादेव के नारों से सारा ब्रह्माण्ड गूंजता है। महाशिवरात्रि पर शिव मंदिरों में भक्त की काफी भीड़ होती है।
इस दिन भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की पूरे विधि- विधान से पूजा की जाती है। लोग उनका दूध से लेकर गंगाजल तक से रुद्राभिषेक कराते है। इस दिन सभी देवी देवता और मनुष्य भोलेनाथ की भक्ति मे लीन होंगे।
जानिए पूजा विधि?
महाशिवरात्रि के दिन कई भक्त व्रत रहते है। उस दिन सुबह सूर्योदय के पहले उठकर स्नान करें। पूरे सच्चे मन से व्रत का संकल्प लें। फिर शिवलिंग में जल चढ़ाएं। उन्हें शहद, जल, गंगाजल, दूध, दही आदि से स्नान कराएं। फिर उन्हें दूबा और बेलपत्र तो जरूर अर्पित करें। भगववान भोलेनाथ को भोले भंडारी को भांग, धतूरा, बेलपत्र, शमीपत्र, फल-फूल, मिष्ठान, पान, सुपाड़ी, इलाचयी, लौंग आदि अर्पित करके धूप-दीप जलाएं।
इसके बाद भगवान शिव के लिए रुद्राष्टकं, शिव महिम्न स्तोत्र आदि का पाठ करें। अगर शिव के स्तोत्र का पाठ न कर पाएं तो शिव के पंचाक्षरी मंत्र (Shiva Mantra) का रुद्राक्ष की माला लेकर जप करें। अंत में भगवान की आरती करें। और फिर सबको प्रसाद बांटें।

