Maa Kalika Temple Satna: मध्य प्रदेश के सतना जिले के भटनवारा गांव में स्थित मां कालिका का प्राचीन और चमत्कारी मंदिर भक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र माना जाता है। नवरात्रि के दौरान यहां भक्तों का तांता लगा रहता है।
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माना जाता है कि यह प्रतिमा करीब 700 से 800 साल पुरानी है और इसका इतिहास मौर्य काल तक जुड़ा हुआ है।
दिन में तीन बार बदलता है मां का स्वरूप…
मंदिर के पुजारी बताते हैं कि माता की प्रतिमा दिन में तीन बार अपना अलग रूप और भाव दर्शाती है।
- सुबह देवी का स्वरूप शांत और सौम्य नजर आता है।
- दोपहर में चेहरा तेजस्वी हो जाता है, जिसे भक्त ज्यादा देर तक देख नहीं पाते।
- शाम को माता का भाव करुणा और ममता से भरा प्रतीत होता है।

सूर्य की दिशा के साथ बदलती हैं माता की आंखें…
माना जाता है कि माता की प्रतिमा की आंखें सूर्य की दिशा के साथ बदलती हुई दिखाई देती हैं।
विशेषकर दोपहर में, जब सूरज अपने शिखर पर होता है, तो देवी की आंखों से ऐसा तीव्र प्रकाश और तेज निकलता प्रतीत होता है कि भक्त आंख मिलाने में असमर्थ हो जाते हैं।
1974 और 2004 की दिव्य घटनाएं…
मंदिर से जुड़े कई चमत्कार भक्तों को आज भी आश्चर्य में डाल देते हैं।
- साल 1974 में प्रतिमा से अचानक पसीना निकलने की घटना दर्ज की गई थी।
- 12 अप्रैल 2004 को भंडारे के दौरान किसी त्रुटि के कारण माता की प्रतिमा का सिर स्वतः हिलने लगा। त्रुटि सुधारते ही प्रतिमा शांत हो गई।

करारी नदी से मिली थी प्रतिमा, चोर भी नहीं ले जा सके…
स्थानीय लोककथाओं के अनुसार देवी की प्रतिमा कभी पास की करारी नदी के किनारे मिली थी। बताया जाता है कि कुछ चोर इसे चोरी करके ले गए, लेकिन वे इसे दूर तक नहीं ले जा सके और रास्ते में ही छोड़कर भाग गए। बाद में माता ने एक भक्त को सपने में दर्शन दिए, जिसके बाद राजा ने यहां मंदिर का निर्माण कराया।

भक्तों की मनोकामनाएं होती हैं पूरी…
मां कालिका के दरबार में हर साल नवरात्रि के दौरान हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। भक्तों का मानना है कि यहां मांगी गई हर प्रार्थना पूरी होती है। मंदिर परिसर घंटियों की गूंज, भक्ति गीतों और ‘जय माता दी’ के जयकारों से भक्तिमय हो जाता है।

