Kaal Bhairav Temple: मध्यप्रदेश में काल भैरव बाबा के बहुत से मंदिर है, सबसे प्रसिद्ध मंदिर उज्जैन में है, जहां भगवान को मदिरापान कराया जाता है। ठीक वैसे ही एक काल भैरव बाबा का मंदिर इंदौर में है, जिनको मदिरापान कराया जाता है। इतना नहीं उन्हें सिगरेट भी पिलाई जाती है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है। इस प्रचीनतम मंदिर को इंद्रेश्वर महादेव मंदिर के समकालीन मंदिर माना जाता है।
मदिरा के साथ चढ़ाई जाती है सिगरेट
मध्य प्रदेश में उज्जैन के अलावा एक और प्रसिद्ध भैरव बाबा का मंदिर है जहां काल भैरव को मदिरापान कराने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। यहां मदिरा के अलावा सिगरेट भी भगवान को पिलाई जाती है। यह मंदिर इंदौर शहर के पंढरीनाथ चौराहे पर स्थित है। और यह मंदिर काफई प्राचीन है।

खास बात यह है कि, मंदिर के मुख्यद्वार में मदिरापान कराने वाले भैरव बाबा का पोस्टर भी लगा हुआ है। यहां आकर एक अलग शक्ति का अनुभव होता है। दूर – दूर से भक्त काल भैरव बाबा के दर्शन करने आते हैं।
काफी प्राचीन है मंदिर
बताया जाता है, यह मंदिर बहुत प्राचीन है। यह इंदौर के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है। यहां इंद्रेश्वर महादेव मंदिर हैं। काल भैरव का मंदिर भी इंद्रेश्वर महादेव मंदिर का समकालीन मंदिर है। उज्जैन के बाद यह एक मात्र ऐसा मंदिर है, जहां काल भैरव को मदिरापान करवाया जाता है।
स्थानीय निवासी बताते हैं कि, मदिरापान की परंपरा की शुरुआत प्राचीन समय से चली आ रही है। यहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में आकर भगवान कालभैरव को मदिरापान कराते है और सिगरेट भी चढ़ाते हैं।

रविवार को होती है विशेष पूजा
रविवार के दिन यहां काल भैरव का श्रृंगार किया जाता है। इस दिन दूर – दूर से भक्त भैरव बाबा को मदिरा चढ़ाने आते है। 12 महिनों मंदिर में हवन -पूजन का आयोजन किया जाता है। लेकिन अमावस्या के दिन हवन – पूजन का विशेष रुप से आयोजन किया जाता है।
बता दें कि, मंदिर के बाहर एक पोस्टर लगा हुआ है जिसमें लिखा हुआ है कि – मूर्ति के मुख में मिठाई और इमारती का भोग न लगाएं, बल्कि उन्हें साइड में रख दें.

