Jugal Kishore Temple MP: मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में भी वृंदावन जैसा सुकून मिलता है और वैसा ही सौंदर्य देखने को मिलता है। इस मंदिर को मिनी वृंदावन कहते है। यहां भगवान जगन्नाथ स्वामी विराजमान है और उनके साथ उनकी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र भी विराजमान है।
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बताया जाता है, यह मंदिर 200 वर्ष पुराना है। यह मंदिर भक्तों के धार्मिक और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है।
यहां होते हैं विशेष अनुष्ठान…
जगन्नाथ रथ यात्रा के अवसर पर इस मंदिर में विशेष पूजा- अर्चना और भव्य भंडारे का आयोजन किया जाता है। हालांकि इस मंदिर इस मंदिर से रथ यात्रा नहीं निकाली जाती बल्कि यहां स्थापित तीन मंदिर एक बड़ा जगन्नाथ मंदिर, नन्हें दीवाले का जगन्नाथ मंदिर, हिंदूपथ महल के पास स्थित जगन्नाथ स्वामी मंदिर इन मंदिरो से रथ यात्राएं निकाली जाती हैं। इस शहर में वर्तमान में करीब 21 जगन्नाथ स्वामी के मंदिर स्थापित हैं।

कब खुलता है मंदिर?
पन्ना में स्थित जगन्नाथ स्वामी मंदिर में प्रतिदिन सुबह, दोपहर और शाम में पूजा – पाठ होती है और उसके बाद आरती की जाती है। मंदिर सुबह 7 बजे खुलता है और फिर लगभग 1-2 घंटे के बाद बंद कर दिया जाता है। फिर दोपहर 12 से 3 बजे तक खुला रहता है। शाम के समय 7 बजे खुलता है 10 बजे बंद कर दिया जाता है।
भगवान जगन्नाथ अपने भाई और बहन के साथ है विराजमान…
इस मंदिर में भगवान जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ विराजमान हैं। गर्भगृह में विराजमान इन मूर्तियों का अद्भुत स्वरुप भक्तो के मन को भक्ति भाव से भर देता है।

गर्भगृह के बाहर गोस्वामी तुलसीदास जी की मूर्ति भी स्थापित है, जो मंदिर परिसर के धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक पवित्र बनाती है।
बुंदेलखंड का मिनी वृंदावन…
पन्ना के जुगल किशोर मंदिर का निर्माण साल 1758 से 1778 के बीच हुआ था, जिसकी स्थापना हिंदूपथ नरेश द्वारा की गई थी। माना जाता है कि मंदिर में स्थापित भगवान की प्रतिमा वृंदावन से ओरछा के रास्ते लाई गई थी।
यहां विराजमान भगवान जुगल किशोर की बांसुरी को हिरे से सजाया गया और उनकी पोशाक में बुंदेली कला की झलक भी देखने को मिली। मंदिर की सुंदर वास्तुकला और धार्मिक महत्ता की वजह से पन्ना को आज “बुंदेलखंड का मिनी वृंदावन” कहा जाता है।

