Vaishno Devi Mandir In MP: वैष्णो देवी का प्रसिद्ध मंदिर जम्मू कश्मीर में हैं, लेकिन अगर आप वहां नहीं जा पा रहें तो वैसा ही एक मंदिर सतना में बना है, जहां गुफा में माता वैष्णो देवी की तीनों पिंडियों, अर्थात महासरस्वती, महालक्ष्मी और महाकाली के रुप में विराजमान हैं। यह मंदिर माता वैष्णों को समर्पित है।
खास बात यह है कि, इस मंदिर का निर्माण कैदियों द्वारा किया गया है, इस मंदिर में रामायण के कुछ हिस्से भी बाउंड्री वॉल पर चित्रित है। इसे “सेंट्रल जेल वैष्णो देवी मंदिर” के नाम से जाना जाता है।

जेल के भीतर मिलीं मां का पिंडी स्वरुप
रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर की स्थापना की कहानी भी उतनी ही अद्भुत है। मंदिर के पुजारी मिनिद्र गौतम ने बताया कि, मां वैष्णो की स्वयंभू तीनों पिंडियां जेल परिसर में ही प्राप्त हुई थीं। तत्कालीन जेल अधीक्षक उमेश गांधी और उनकी पत्नी ने शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर विधिपूर्वक इनका स्थापना संस्कार करवाया। इसके बाद मंदिर निर्माण की योजना बनी और यह तय किया गया कि इसका स्वरूप जम्मू के वैष्णो देवी मंदिर जैसा ही होगा।

गुफा में विराजमान हैं माता वैष्णों देवी
सतना के सेंट्रल जेल के पीछे मंदिर बना है, इस वजह से सेंट्रल जेल वैष्णों देवी मंदिर नाम दिया गया। यहां एक एक गुफा है, जिसका द्वार शेर के मुंख जैसा है, ऐसे की शेर के मुख से गुफा के अंदर जाते है। गुफा में घुसते समय बहुत सकरी है, लेटकर घुसना पड़ता है, और कई मौसम में गुफा में पानी भरा रहता है। उसी गुफा में ही मां वैष्णों के तीन पिंड स्थापित है। यह मंदिर काफी सुंदर और मनमोहक है।
कैदियों ने बनाया था ये मंदिर
इस अद्भुत मंदिर का संपूर्ण निर्माण कार्य जेल में बंद कैदियों ने ही किया। मंदिर की ड्राइंग, डिजाइन, कंक्रीट वर्क, पेंटिंग, और यहां तक कि इसकी बाउंड्री वॉल पर रामायण का सुंदर चित्रण भी उन्हीं के हाथों से हुआ है। यह प्रयास कैदियों के लिए न केवल पुनर्वास का एक अवसर था, बल्कि आत्मिक शांति और आत्मबोध का भी माध्यम बना।

जनभागीदारी से बना भव्य मंदिर
मंदिर का निर्माण कार्य जेल अधीक्षक की पहल पर जनभागीदारी से संपन्न हुआ। इसमें सतना के व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने आर्थिक रूप से योगदान दिया। मंदिर की सुरक्षा और देखरेख की जिम्मेदारी केंद्रीय जेल प्रशासन द्वारा निभाई जा रही है। मंदिर के मुख्य द्वार पर जेल प्रहरी पहरा देते हैं, जो इसकी पवित्रता और सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।

मंदिर की प्रमुख विशेषताएं
- मंदिर में बनी कृत्रिम गुफा श्रद्धालुओं को जम्मू के वैष्णो देवी मंदिर जैसा अनुभव प्रदान करती है।
- चारों ओर मंदिर के हरियाली और शांत वातावरण मानसिक शांति प्रदान करता है।
- नियमित रूप से इस मंदिर में पूजा-पाठ, हवन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान होते हैं, जिनमें बंदी और जेलकर्मी दोनों सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।
कैसे पहुंचें मंदिर?
यह मंदिर सतना रेलवे स्टेशन से लगभग 6.7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। शहर में स्थानीय परिवहन के माध्यम से इस मंदिर में आसानी से पहुंचा जा सकता है।

