ED Arrest Saumya Chaurasia: छत्तीसगढ़ के 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में ED ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में हुई। इससे पहले ED ने सौम्या को समन जारी कर सुबह पूछताछ के लिए बुलाया था। गहन पूछताछ के बाद एजेंसी ने उनके खिलाफ साक्ष्य होने का दावा करते हुए हिरासत में लिया।
सौम्या से पूछताछ
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान शराब कारोबार से जुड़े अवैध लेन-देन, कमीशनखोरी और सरकारी तंत्र के दुरुपयोग को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। ED का कहना है कि इस घोटाले में बड़े स्तर पर पैसों का अवैध प्रवाह हुआ है, जिसकी जांच के लिए सौम्या से पूछताछ जरूरी थी।
6 आरोपियों को मिली था जमानत
बता दे कि, 30 मई 2025 को कोल लेवी घोटाला और DMF घोटाला मामले में सौम्या चौरसिया समेत 6 आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त जमानत दी थी। इसके बाद आरोपी रायपुर के सेंट्रल जेल से रिहा हो गए, जिसमें निलंबित IAS रानू साहू, समीर बिश्नोई भी शामिल थे।

कोर्ट ने सभी आरोपियों पर छत्तीसगढ़ में रहने पर पाबंदी लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि जिस जगह पर रहेंगे उनका एड्रेस थाने को देना होगा। सभी आरोपी लगभग 2 साल से जेल में बंद थे। सौम्या चौरसिया दिसंबर 2022 में गिरफ्तार हुई थी। इसके बाद जमानत पर रिहा होने पर सौम्या बेंगलुरु में रह रही थी।
ED Arrest Saumya Chaurasia: क्या है मामला?
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED लगातार जांच कर रही है। शराब घोटाला मामले में ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। जिसमें 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात सामने आई। ED ने अपनी जांच में पाया कि, भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के MD AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था।
इस घोटाले में राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी, कारोबारी समेत कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज है।

