Doctor Ganesh Temple MP: मध्यप्रदेश का ऐसा मंदिर जहां भगवान गणेश डॉक्टर के रुप में विराजमान हैं। यह मंदिर मध्यप्रदेश के विदिशा शहर के गल्लामंडी में गणेश जी का प्रचीन मंदिर है, जिसे पहले लोग वैद्य वाले गणेश मंदिर कहते थे लेकिन अब यह मंदिर डॉक्टर गणेश मंदिर और गल्लामंडी गणेश मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हैं।
क्या है मान्यता?
मान्यता हैं कि, यहां आने से हर बीमारी से छुटकारा मिल जाता है। भक्तों का मानना है कि यहां आकर सच्चे मन से पूजा करने और मंदिर में मिले वाले धागे को अपने हाथ में बांधने से कई बीमारियों से मुक्ति मिल जाती है। इस मंदिर लोग दूर – दूर से भगवान का धागा बंधवाने आते हैं।

इलाज के लिए दूर- दूर से आते हैं भक्त
बताया जाता है कि, आसपास के गांवो से लोग टाइफाइड, पीलिया , मलेरिया जैसी बीमारियों के इलाज के लिए डॉक्टर गणेश के मंदिर भक्त आते हैं। उनका विश्वास है कि यहां बेल बंधवाने आते है, कहते हैं बेल बंधवाने के 4-5 दिन बाद ही मरीज ठीक हो जाते हैं।
यहां डॉक्टर गणेश के प्रति भक्तो की आस्था देखते ही बनती है। यहां गणेश चतुर्थी के समय भक्तों की और ज्यादा भीड़ देखने को मिलती है, यहां देशभर लोग भगवान के दर्शन करने आते हैं।
स्वंयभू प्रतिमा है विराजमान
बताया जाता है कि, यहां विराजमान पूर्व मुखी एवं पश्चिम मुखी भगवान गणेश की प्रतिमा स्वंयभू मानी जाती है। यहां कई वर्षो पहले प्रतिमा स्वंयभू रुप से प्रकट हुई थी, जो आज डॉक्टर गणेश के नाम से प्रसिद्ध है।
इस मंदिर में सच्चे मन से जो मांगो वो मनोकामना जरुर पूरी होती है।
डॉक्टर भी मंदिर ले जाने की देते हैं सलाह
एक भक्त ने बताया कि – उनकी बेटी 7-8 दिन से बीमार थी, डॉक्टर को दिखाने पर ठीक नहीं हो रही थी, लेकिन जब इस मंदिर में लेकर आएं तो यहां बेल बांधा गया जिससे वह ठीक हो गई।
कई भक्त कहते हैं कि, कई बार डॉक्टर भी इस मंदिर में आने की सलाह देते हैं।

